
पटना: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उनकी ओर से दो अलग-अलग मामलों में जमानत याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें राहत प्रदान कर दी।
विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रत्येक मामले में 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों के बंधपत्र पर जमानत मंजूर कर ली गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पप्पू यादव को रिहा कर दिया गया।
क्या है पहला मामला?
पप्पू यादव के अधिवक्ता विजय आनंद के अनुसार पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 133/2020 से जुड़ा है।
इस मामले में आरोप है कि 23 फरवरी 2020 को CAA और NRC के विरोध में पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन किया गया था। पुलिस ने इसे लेकर मामला दर्ज किया था।
कृषि बिल विरोध प्रदर्शन का भी मामला
दूसरा मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 390/2020 से संबंधित है।
इसमें आरोप है कि 25 सितंबर 2020 को कृषि बिल के विरोध में आयकर गोलंबर स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत से मिली राहत
दोनों मामलों में आत्मसमर्पण और जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पप्पू यादव को जमानत दे दी। अदालत के आदेश के बाद दोनों मामलों में उनकी रिहाई सुनिश्चित हो गई।
यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA), NRC और कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे और कई राजनीतिक नेताओं पर प्रदर्शन से संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए थे।


