
भागलपुर स्थित के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के एक स्वयंसेवक ने राष्ट्रीय स्तर पर पूरे बिहार का प्रतिनिधित्व कर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया। टीएमबीयू के विश्वविद्यालय स्तरीय स्वयंसेवक नौशाद करीम ने राष्ट्रीय युवा संसद 2026 में भाग लेकर न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे बिहार को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। उनकी इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय परिवार ने गर्व और सम्मान के साथ सराहा है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे टीएमबीयू के स्वयंसेवक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रहे हैं। इसी क्रम में नौशाद करीम का चयन राष्ट्रीय युवा संसद 2026 के लिए हुआ, जो किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। नई दिल्ली स्थित लोकसभा परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर से चुनिंदा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जहां नौशाद करीम ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने नौशाद करीम को राष्ट्रीय युवा संसद में सहभागिता के लिए प्राप्त राष्ट्रीय प्रमाण पत्र और प्रतीक चिह्न सौंपते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश और समाज के निर्माण में सबसे बड़ी शक्ति होती है।
कुलपति ने कहा कि युवा यदि अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और समय का सही दिशा में उपयोग करें तो वे न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने नौशाद करीम की उपलब्धि को पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रमाण पत्र वितरण के दौरान विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक लगातार सामाजिक सेवा, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। नौशाद करीम की सफलता इसी सतत प्रयास का परिणाम है।
डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि नौशाद करीम ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई चरणों की प्रतिस्पर्धा पार की। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने से पहले उन्होंने जिला स्तरीय युवा संसद में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अगले चरण के लिए चयनित हुए।
इसके बाद उन्होंने बिहार विधानसभा स्तर पर आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता में भाग लिया। वहां भी नौशाद करीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इसी उपलब्धि ने उनके लिए राष्ट्रीय स्तर का रास्ता खोला। बिहार विधानसभा स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने आप में कठिन उपलब्धि मानी जाती है क्योंकि इसमें पूरे राज्य से प्रतिभाशाली प्रतिभागी शामिल होते हैं।
इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद नौशाद करीम का चयन राष्ट्रीय युवा संसद 2026 के लिए हुआ। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें लोकसभा जैसे प्रतिष्ठित लोकतांत्रिक मंच का अनुभव प्राप्त हुआ। यह अनुभव उनके व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
राष्ट्रीय युवा संसद का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों से परिचित कराना है। इस मंच के माध्यम से छात्रों को देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को समझने और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है। ऐसे मंच पर चयन होना किसी भी छात्र की बौद्धिक क्षमता और संवाद कौशल का प्रमाण माना जाता है।
नौशाद करीम ने नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम में भाग लेकर यह साबित किया कि बिहार के युवा किसी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाने में सक्षम हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और साथियों का कहना है कि नौशाद की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने कहा कि नौशाद करीम की उपलब्धि यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। विशेष रूप से छोटे शहरों और क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए यह सफलता बेहद प्रेरक है।
राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका भी इस सफलता में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एनएसएस केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों में नेतृत्व, संवाद कौशल, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुण विकसित करता है। यही गुण युवा संसद जैसे मंचों पर सफलता दिलाने में मदद करते हैं।
भागलपुर और आसपास के क्षेत्र में भी नौशाद करीम की इस उपलब्धि की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र का कोई छात्र राष्ट्रीय मंच पर पहुंचता है तो पूरे समाज का मनोबल बढ़ता है। इससे युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा होता है।
शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां विश्वविद्यालय की साख को भी मजबूत करती हैं। जब किसी विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो उस संस्थान की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की गुणवत्ता भी सामने आती है।
कुल मिलाकर, टीएमबीयू के स्वयंसेवक नौशाद करीम की यह उपलब्धि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। जिला स्तर से लेकर बिहार विधानसभा और फिर राष्ट्रीय युवा संसद तक का उनका सफर मेहनत, लगन और प्रतिभा की मिसाल है। लोकसभा, नई दिल्ली में पूरे बिहार का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। आने वाले समय में उनकी यह सफलता कई अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


