
भागलपुर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। स्कूटी की बैटरी चार्ज करने के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे में दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह घटना भागलपुर के थाना क्षेत्र अंतर्गत सरदारपुर गांव की है। मृतक की पहचान सरदारपुर निवासी हीरामन राय के पुत्र विष्णुदेव राय के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विष्णुदेव राय अपने परिवार का सहारा थे और मेहनत-मजदूरी कर घर का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
परिजनों के अनुसार हादसा मंगलवार की अहले सुबह करीब तीन बजे हुआ। उस समय अधिकतर लोग घरों में सो रहे थे। विष्णुदेव राय अपनी स्कूटी की बैटरी चार्ज करने की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने बैटरी चार्ज करने के लिए बिजली बोर्ड में प्लग लगाने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक बिजली बोर्ड में तेज करंट प्रवाहित हो गया और वह उसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के लोगों के मुताबिक करंट इतना तेज था कि विष्णुदेव राय बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। अचानक चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य दौड़कर पहुंचे। उन्हें बचाने की कोशिश में परिजनों को भी बिजली का झटका लगा, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों ने बताया कि स्थिति बेहद भयावह हो गई थी क्योंकि करंट की वजह से कोई सीधे विष्णुदेव के पास नहीं जा पा रहा था। किसी तरह पहले बिजली सप्लाई बंद की गई, तब जाकर उन्हें सुरक्षित हटाया जा सका। इसके बाद बिना समय गंवाए परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए।
गंभीर हालत में विष्णुदेव राय को भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया। परिवार और आसपास के लोग पूरी उम्मीद के साथ अस्पताल पहुंचे कि डॉक्टर उनकी जान बचा लेंगे। लेकिन अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस घोषणा के साथ ही परिवार की उम्मीदें टूट गईं।
मौत की खबर सुनते ही अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी और दोनों बच्चे अस्पताल पहुंचे। पति का शव देखते ही पत्नी फूट-फूटकर रोने लगी। उसकी चीखें सुनकर अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब मृतक के दोनों मासूम बच्चे अपने पिता के शव के पास खड़े दिखाई दिए। बच्चों को शायद पूरी तरह समझ नहीं आ रहा था कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
परिजनों के अनुसार विष्णुदेव राय परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। अचानक हुई इस मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तर पर गहरा आघात पहुंचाया है। अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि परिवार और बच्चों का भविष्य कैसे संभलेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विष्णुदेव शांत और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव में उनकी पहचान मेहनती और जिम्मेदार इंसान के रूप में थी। उनकी असमय मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। हादसे के बाद सरदारपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में मामला करंट लगने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक जांच कर रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरों में बैटरी चार्जिंग, वायरिंग और बिजली उपकरणों का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। खराब वायरिंग, अर्थिंग की कमी, ओवरलोड बोर्ड या खुले तार कई बार जानलेवा साबित हो सकते हैं। छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन जाती है।
बिजली विशेषज्ञों के अनुसार बैटरी चार्ज करते समय हमेशा प्रमाणित चार्जर, सुरक्षित प्लग प्वाइंट और उचित इंसुलेशन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए। गीले हाथों से बिजली उपकरण छूना बेहद खतरनाक हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण ऐसे हादसे अधिक देखने को मिलते हैं।
यह घटना एक बार फिर घरेलू विद्युत सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने बिजली बोर्ड, खराब वायरिंग और असुरक्षित घरेलू कनेक्शन कई बार जानलेवा बन जाते हैं। ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमित बिजली जांच और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं।
कुल मिलाकर, भागलपुर के सरदारपुर गांव में स्कूटी की बैटरी चार्ज करते समय हुई यह दर्दनाक घटना पूरे क्षेत्र को झकझोर गई है। एक पल की दुर्घटना ने दो बच्चों से उनके पिता और पत्नी से उसका जीवनसाथी छीन लिया। अब परिवार की दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है। यह हादसा सभी के लिए चेतावनी है कि बिजली से जुड़े किसी भी काम में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।


