श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज, भागलपुर प्रशासन ने सफाई, सुरक्षा और घाटों की व्यवस्था पर दिया विशेष जोर

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष लाखों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बनने वाले इस ऐतिहासिक मेले को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की तैयारियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान श्रावणी मेला से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बार स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, घाटों की सुरक्षा, दुकानों का नियमन और कांवरियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने नगर परिषद को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि 30 जून तक संबंधित एजेंसी के माध्यम से 1200 सफाई कर्मियों की नियुक्ति और योगदान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है, ऐसे में साफ-सफाई बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर नियमित मॉनिटरिंग और अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था कमजोर होने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सफाई कर्मियों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करने के साथ-साथ कचरा प्रबंधन, अस्थायी शौचालय और नियमित सफाई अभियान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। प्रशासन का उद्देश्य मेला क्षेत्र को स्वच्छ और स्वास्थ्यकर बनाए रखना है।

बैठक में कांवरिया पथ की व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि कांवरिया पथ पर संचालित दुकानों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि दुकानों में मूल्य नियंत्रण, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को उचित सुविधा मिल सके।

कांवरिया पथ श्रावणी मेला की जीवनरेखा माना जाता है क्योंकि इसी मार्ग से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना होते हैं। ऐसे में मार्ग पर दुकानों, विश्राम स्थलों और चिकित्सा सुविधाओं की उचित व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रशासन इस बार इस पूरे मार्ग की निगरानी को और मजबूत करने की तैयारी में है।

घाटों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को और सीढ़ी घाट पर बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया। साथ ही तथा एस.एम. कॉलेज स्थित सीढ़ी घाट पर बैरिकेडिंग की जिम्मेदारी नगर निगम भागलपुर को सौंपी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत संवेदनशील विषय है क्योंकि मेला अवधि में लाखों श्रद्धालु स्नान और जल भरने के लिए घाटों पर पहुंचते हैं। बैरिकेडिंग से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। विशेषकर अधिक भीड़ वाले घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा सभी प्रमुख घाटों पर साइनेज बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया गया। इन बोर्डों पर जलस्तर और पानी की गहराई का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कई श्रद्धालु बाहरी जिलों और राज्यों से आते हैं जिन्हें स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी नहीं होती। ऐसे में स्पष्ट सूचना बोर्ड उनकी सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

श्रावणी मेला क्षेत्र में अस्थायी दुकानों के संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने में “सिंगल विंडो सिस्टम” स्थापित करने का निर्देश दिया। इस प्रणाली के तहत बिजली कनेक्शन, दुकानदारों का निबंधन और अन्य आवश्यक अनुज्ञप्तियां एक ही स्थान से उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रशासन का मानना है कि सिंगल विंडो सिस्टम से दुकानदारों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया तेज तथा पारदर्शी बनेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि दुकान रैयती भूमि पर संचालित हो रही हो, तब भी विधि-व्यवस्था की दृष्टि से उसका निबंधन अनिवार्य होगा। इससे प्रत्येक दुकान की पहचान और अभिलेख प्रशासन के पास उपलब्ध रहेंगे।

बैठक में सभी विभागों को श्रावणी मेला से संबंधित कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश भी दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर निविदा और कार्य आवंटन होने से मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकेंगे। उन्होंने किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक पुलिस बल तैनात किया जाएगा। श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या और सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए अतिरिक्त बल की मांग की गई है।

एसएसपी ने कहा कि पुलिस बल के आवासन, भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी समानांतर रूप से सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट, घाट सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए विशेष सुरक्षा योजना तैयार की जा रही है।

बैठक में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने अपनी तैयारियों और प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी साझा की।

कुल मिलाकर, श्रावणी मेला 2026 को लेकर भागलपुर प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सफाई के लिए 1200 कर्मियों की तैनाती, घाटों की बैरिकेडिंग, सिंगल विंडो सिस्टम, साइनेज व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती यह संकेत देती है कि इस बार प्रशासन मेले को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। आने वाले दिनों में इन तैयारियों का असर जमीनी स्तर पर और स्पष्ट दिखाई देगा।

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