रोहतास में 321 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड संपन्न, डीआईजी ने दिलाई कर्तव्यनिष्ठा की शपथ

बिहार के रोहतास जिले में मंगलवार का दिन महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि लेकर आया। सासाराम स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) महिला बटालियन, बेदा परिसर में बक्सर और सहरसा जिला बल की 321 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। लंबे और कठोर प्रशिक्षण के बाद इन महिला सिपाहियों ने शानदार अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रशिक्षण की सफलता का परिचय दिया।

पासिंग आउट परेड के दौरान पूरे परिसर में गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला। एक ओर जहां प्रशिक्षु महिला सिपाहियों के चेहरों पर प्रशिक्षण पूरा करने की खुशी साफ झलक रही थी, वहीं अधिकारियों ने भी उनकी उपलब्धि की सराहना की। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रतीक नहीं था, बल्कि बिहार पुलिस की ताकत में महिला भागीदारी के लगातार बढ़ते कदमों का भी प्रमाण बना।

समारोह में शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, राष्ट्रीय सलामी ली और सभी प्रशिक्षु महिला सिपाहियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और संविधान के प्रति समर्पण की शपथ दिलाई। परेड के दौरान महिला सिपाहियों की कदमताल, ड्रिल और अनुशासन ने उपस्थित अधिकारियों तथा दर्शकों को प्रभावित किया।

डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन इन 321 महिला सिपाहियों के जीवन का बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद ये सभी अब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही हैं। उनके कंधों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। वर्दी पहनने के साथ जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। ऐसे में हर पुलिसकर्मी का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। डीआईजी ने महिला सिपाहियों से कहा कि वे अपने साहस और क्षमता से समाज में नई मिसाल कायम करें।

परेड समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली नव आरक्षियों को सम्मानित भी किया गया। प्रशिक्षण के विभिन्न चरणों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिला सिपाहियों को प्रशस्ति देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के सम्मान से अन्य प्रशिक्षुओं को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षु महिला सिपाहियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में परिवारजनों और अन्य आमंत्रित लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को और विशेष बना दिया।

बीएसएपी महिला बटालियन के कमांडेंट मनोज कुमार ने प्रशिक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महिला सिपाहियों को आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाना नहीं था, बल्कि मानसिक मजबूती, नेतृत्व क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की योग्यता विकसित करना भी था।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिला सिपाहियों को शारीरिक दक्षता के कठोर अभ्यास कराए गए। नियमित दौड़, सहनशक्ति अभ्यास, बाधा दौड़ और फिजिकल फिटनेस से जुड़े कई मॉड्यूल प्रशिक्षण का हिस्सा रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में वे प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

कमांडेंट मनोज कुमार ने बताया कि शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ हथियार संचालन की भी विशेष ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रकार के आधुनिक हथियारों के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव और ऑपरेशन का अभ्यास कराया गया। इससे वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हुई हैं।

प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कानून-व्यवस्था प्रबंधन भी रहा। महिला सिपाहियों को भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील हालात से निपटने, दंगा नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास कराए गए। अधिकारियों का कहना है कि आज के समय में पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक तनाव और आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

आपदा प्रबंधन को भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाया गया। महिला सिपाहियों को प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न कानूनी प्रावधानों, मानवाधिकार, महिला सुरक्षा कानूनों और आपराधिक न्याय प्रणाली से संबंधित विषयों पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि महिला पुलिस बल की बढ़ती भागीदारी समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है। विशेष रूप से महिला अपराधों, घरेलू हिंसा, बाल सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यही वजह है कि राज्य पुलिस बल में महिला भागीदारी लगातार बढ़ाई जा रही है।

रोहतास में आयोजित यह पासिंग आउट परेड बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने से पुलिस व्यवस्था अधिक समावेशी और संवेदनशील बनती है। इससे समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों को बेहतर सहायता मिलती है।

कुल मिलाकर, सासाराम में आयोजित 321 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड ने यह संदेश दिया कि बिहार की बेटियां अब सुरक्षा व्यवस्था में भी मजबूती से अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और सेवा भावना के साथ ये नई महिला सिपाही राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। आने वाले समय में उनकी भूमिका बिहार की सुरक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।

  • ये भी पढ़े..

    आज का राशिफल और पंचांग: 24 जून 2026 का दिन किन राशियों के लिए रहेगा शुभ, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

    Share Add as a preferred…

    विक्रमशिला सेतु पर दर्दनाक हादसा, आंधी से बचने के लिए शेड के नीचे रुके पिता की मौत, बेटे के सामने उजड़ गया परिवार

    Share Add as a preferred…