
गया, 23 जून 2026। बिहार के गया जिले के वजीरगंज प्रखंड से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पतेड़ पंचायत के बसुआ गांव में रविवार रात 12 वर्षीय एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक का माहौल है।
मृतक की पहचान सौरव कुमार (12 वर्ष) के रूप में हुई है।
खेलते समय खाया रसगुल्ला, अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों के अनुसार सौरव रविवार रात घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान उसने रसगुल्ला खाया।
रसगुल्ला खाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिवार वालों ने बताया कि सौरव को सांस लेने में परेशानी होने लगी और देखते ही देखते वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा।
बच्चे की हालत बिगड़ते देख परिजन घबरा गए।
स्थानीय डॉक्टर ने मृत घोषित किया
आनन-फानन में परिजन सौरव को इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। लेकिन जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर की बात सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
गले में फंसने की आशंका
प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि रसगुल्ला गले में फंस गया, जिससे बच्चे का दम घुट गया।
हालांकि मौत की वास्तविक वजह का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम या मेडिकल जांच के बाद ही चल सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को खेलते या दौड़ते समय खाना देना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में भोजन श्वास नली में फंसने का खतरा बढ़ जाता है।
गांव में मातम
सौरव की अचानक मौत से पूरे बसुआ गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि सौरव बेहद चंचल और मिलनसार बच्चा था। उसकी असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
सावधानी बेहद जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों को मिठाई, टॉफी या अन्य खाद्य पदार्थ खाते समय अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
खासकर इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है—
- खेलते समय बच्चों को खाने की चीजें न दें
- छोटे टुकड़ों में भोजन खिलाएं
- सांस रुकने के संकेत दिखें तो तुरंत मेडिकल सहायता लें
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की सतर्कता की अहमियत याद दिलाती है।


