जिला विधिज्ञ संघ चुनाव 2026–28 को लेकर बढ़ी सरगर्मी, विभिन्न पदों के प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

भागलपुर। भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ के वर्ष 2026–28 के चुनाव को लेकर अधिवक्ता समुदाय में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया के तहत सोमवार को भागलपुर कचहरी परिसर में विभिन्न पदों के प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ विधिवत नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कचहरी परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी होने वाला है।

चुनाव के अंतर्गत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मुक्ति प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी भोला कुमार मंडल तथा संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी जयप्रकाश यादव व्यास ने नामांकन पत्र दाखिल किया। तीनों प्रत्याशी अपने समर्थक अधिवक्ताओं के साथ जुलूस की शक्ल में कचहरी परिसर पहुंचे, जहां समर्थकों ने नारेबाजी और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।

नामांकन के दौरान कचहरी परिसर पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। सैकड़ों अधिवक्ताओं की उपस्थिति ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। प्रत्याशियों के समर्थन में पहुंचे अधिवक्ताओं ने उनके नेतृत्व क्षमता और कार्यशैली पर भरोसा जताया। समर्थकों का कहना था कि इस बार जिला विधिज्ञ संघ को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो अधिवक्ताओं के हितों की मजबूती से आवाज उठा सके।

जिला विधिज्ञ संघ का चुनाव अधिवक्ता समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह केवल पदाधिकारियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि संघ की नीतियों, कार्यशैली और भविष्य की दिशा तय करने वाला चुनाव भी होता है। संघ के पदाधिकारी अधिवक्ताओं की समस्याओं, सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रशासनिक और न्यायिक मंचों पर प्रभावी ढंग से रखते हैं।

अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मुक्ति प्रसाद सिंह ने नामांकन के बाद अपने संबोधन में कहा कि यदि अधिवक्ताओं का विश्वास और समर्थन उन्हें प्राप्त होता है, तो वे संघ की गरिमा और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था की रीढ़ है और उनके सम्मान, अधिकार तथा सुविधाओं की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिला विधिज्ञ संघ को और अधिक संगठित तथा मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनके अनुसार अधिवक्ताओं की पेशेवर चुनौतियों, न्यायालय परिसर की सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी भोला कुमार मंडल ने कहा कि संघ की मजबूती उसके सदस्यों की एकजुटता में निहित होती है। उन्होंने अधिवक्ताओं से समर्थन मांगते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे संघ के भीतर संवाद, सहयोग और पारदर्शिता की संस्कृति को और मजबूत करेंगे। उनका कहना था कि वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना समय की बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को केवल पेशेवर स्तर पर ही नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा और संस्थागत सुविधाओं के स्तर पर भी मजबूत किया जाना चाहिए। इसके लिए संघ की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।

संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी जयप्रकाश यादव व्यास ने भी अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर निर्भर करती है। यदि उन्हें अधिवक्ताओं का आशीर्वाद मिला तो वे संघ की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में संस्थागत व्यवस्थाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाना आवश्यक है। संघ के रिकॉर्ड प्रबंधन, संचार व्यवस्था और सदस्य हितों से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

नामांकन जुलूस में शामिल अधिवक्ताओं की संख्या ने चुनावी उत्साह को साफ तौर पर प्रदर्शित किया। बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं की भागीदारी विशेष रूप से चर्चा का विषय रही। इससे यह संकेत भी मिला कि नई पीढ़ी संघ की गतिविधियों और नेतृत्व चयन में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है।

कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि जिला विधिज्ञ संघ केवल पेशेवर संगठन नहीं, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की सामूहिक आवाज है। ऐसे में चुनाव के माध्यम से योग्य, अनुभवी और प्रतिबद्ध नेतृत्व का चयन बेहद आवश्यक हो जाता है। उनका मानना है कि मजबूत नेतृत्व न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बार एसोसिएशन चुनावों का प्रभाव केवल संघ तक सीमित नहीं रहता, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की कार्यकुशलता पर भी अप्रत्यक्ष असर डालता है। संघ के सक्रिय और जिम्मेदार पदाधिकारी अधिवक्ताओं और न्यायिक प्रशासन के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशियों ने उपस्थित सभी अधिवक्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि साथियों का समर्थन और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सभी प्रत्याशियों ने आगामी चुनाव में सहयोग और समर्थन देने की अपील की।

भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ का यह चुनाव इस बार कई कारणों से खास माना जा रहा है। अधिवक्ता समुदाय में बढ़ती सक्रियता, युवा नेतृत्व की भागीदारी और संघ के विकास को लेकर बढ़ती अपेक्षाएं चुनाव को और महत्वपूर्ण बना रही हैं।

आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और अधिक तेज होने की संभावना है। प्रत्याशी अपने-अपने विजन, योजनाओं और वादों के साथ अधिवक्ताओं तक पहुंचेंगे। चुनावी मुकाबले में कौन बाजी मारेगा, यह तो परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल नामांकन के साथ चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच चुकी है।

कुल मिलाकर भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ चुनाव 2026–28 का नामांकन चरण उत्साह, ऊर्जा और अधिवक्ता समुदाय की एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया है। अब सभी की नजर आगामी चुनावी प्रक्रिया और मतदान पर टिकी हुई है, जहां अधिवक्ता समुदाय अपने नए नेतृत्व का चयन करेगा।

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