
भागलपुर/बांका। बांका जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने अभिभावकों के बीच भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। कटोरिया थाना क्षेत्र स्थित राधानगर के माउंट केरला पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा एक 8 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में बाथरूम में मिला। बच्चे के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं और परिजनों ने आरोप लगाया है कि उस पर चाकू से हमला किया गया है। घायल छात्र की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है।
घायल छात्र की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो जयश्री फुलवरिया निवासी कुमुद प्रसाद यादव का पुत्र है। बताया जा रहा है कि आनंद माउंट केरला पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। परिवार ने बच्चे को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल की उम्मीद में हॉस्टल भेजा था, लेकिन अब यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना देर रात की है। परिजनों का कहना है कि रात करीब 12 बजे स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें फोन कर सूचना दी गई कि हॉस्टल में कुछ बच्चों द्वारा आनंद पर हमला किया गया है। बताया गया कि हमला किसी धारदार हथियार, संभवतः चाकू, से किया गया, जिसके कारण बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद जो जानकारी सामने आई, उसने मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया। बताया जा रहा है कि घायल आनंद को सुबह लगभग 5 बजे हॉस्टल के बाथरूम में गंभीर हालत में देखा गया। सवाल यह उठ रहा है कि यदि हमला रात में हुआ था, तो घायल बच्चा कई घंटों तक उसी हालत में क्यों पड़ा रहा। यही पहलू अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
स्कूल कर्मियों ने घायल छात्र को आनन-फानन में इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मायागंज रेफर कर दिया। फिलहाल बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार छात्र के शरीर पर गहरे जख्म हैं और अत्यधिक रक्तस्राव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और अपने बच्चे की हालत देखकर टूट गए। पिता कुमुद प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कराने के लिए हॉस्टल भेजा था, लेकिन वहां आखिर क्या हुआ इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा।
कुमुद प्रसाद यादव ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हॉस्टल जैसी जगह, जहां बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहां इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। उन्होंने पूछा कि यदि बच्चों के बीच कोई विवाद हुआ था, तो वार्डन, शिक्षक या सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल और हॉस्टल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब देना चाहिए। कई लोगों ने हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय विद्यालयों और हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल होना चाहिए। रात के समय निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, वार्डन की सक्रिय मौजूदगी और बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग बेहद आवश्यक है। यदि इन व्यवस्थाओं में किसी स्तर पर चूक हुई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानी जा सकती है।
इस घटना ने स्कूल हॉस्टलों में सुरक्षा मानकों को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि जिन बच्चों को वे शिक्षा के लिए घर से दूर भेजते हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित रहे। ऐसे मामलों से यह भरोसा कमजोर पड़ता है।
कटोरिया थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्कूल प्रबंधन, हॉस्टल स्टाफ और अन्य छात्रों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला वास्तव में अन्य छात्रों द्वारा किया गया या इसके पीछे कोई और कारण है। हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा होंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो संस्थान के जिम्मेदार लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई संभव है। बच्चों की सुरक्षा में चूक को कानून बेहद गंभीरता से देखता है।
फिलहाल पूरे इलाके में चिंता और तनाव का माहौल है। सभी की नजर अब पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
कुल मिलाकर बांका के माउंट केरला पब्लिक स्कूल हॉस्टल में हुई यह घटना बेहद संवेदनशील और चिंताजनक है। एक मासूम छात्र का गंभीर हालत में बाथरूम में मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।


