भागलपुर में शादी समारोह की खुशियां मातम में बदलीं, हर्ष फायरिंग में दो बच्चे घायल

भागलपुर। शादी समारोह में जश्न और खुशियों के बीच हुई लापरवाही ने एक बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र के तिनटंगा करारी गांव में एक विवाह समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में दो बच्चे गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। परिजनों और ग्रामीणों के बीच चीख-पुकार का माहौल बन गया।

मिली जानकारी के अनुसार तिनटंगा करारी गांव में एक विवाह समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और मेहमान शामिल हुए थे। शादी का माहौल पूरी तरह उत्सवमय था। डीजे की धुन पर लोग नाच-गाकर समारोह का आनंद ले रहे थे। इसी बीच अचानक हुई फायरिंग ने पूरे माहौल को दहशत में बदल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार समारोह के दौरान गांव के ही एक युवक ने कथित रूप से कट्टा निकालकर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि युवक ने हर्ष फायरिंग के उद्देश्य से हवा में गोली चलानी चाही, लेकिन गोली वहां मौजूद दो बच्चों को जा लगी। गोली लगते ही दोनों बच्चे जमीन पर गिर पड़े और मौके पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

घायल बच्चों की पहचान सौरभ कुमार और तुफान कुमार के रूप में हुई है। दोनों बच्चे शादी समारोह और डीजे कार्यक्रम देखने के लिए पहुंचे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही क्षणों में खुशियों का माहौल हादसे में बदल जाएगा।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों बच्चों को उठाकर इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और बच्चों की स्थिति का आकलन किया। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

परिजनों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। डीजे की तेज आवाज और भीड़ के बीच पहले लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जैसे ही बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आई, समारोह स्थल पर दहशत फैल गई।

घायल सौरभ कुमार के पिता बुदेश मंडल ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव के ही प्रीतम कुमार मंडल, पिता वकील मंडल, ने कट्टा से फायरिंग की, जिसकी चपेट में दोनों बच्चे आ गए। बुदेश मंडल ने बताया कि उनका बेटा और दूसरा बच्चा तुफान कुमार केवल डीजे देखने गए थे और उनका किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था।

उन्होंने कहा कि यह घटना केवल लापरवाही नहीं बल्कि समाज के लिए बड़ा खतरा है। शादी-ब्याह जैसे सामाजिक आयोजनों में अवैध हथियारों का इस्तेमाल लगातार चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

तुफान कुमार के बारे में बताया गया कि वह उसी परिवार का सदस्य है, जहां विवाह समारोह आयोजित किया गया था। परिवार के लोग शादी की तैयारियों और मेहमानों की सेवा में व्यस्त थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। उनका कहना है कि खुशी के अवसर पर हथियारों का प्रदर्शन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों की जान को खतरे में डालता है।

विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार सहित देश के कई हिस्सों में शादी समारोहों में हर्ष फायरिंग की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। अधिकांश मामलों में लोग इसे परंपरा या शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखते हैं, लेकिन इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। कई बार एक गोली किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल देती है।

कानूनी रूप से सार्वजनिक स्थानों या समारोहों में अवैध हथियारों का उपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बिना लाइसेंस हथियार रखना और उसका इस्तेमाल करना कानूनन दंडनीय है। इसके बावजूद कई जगहों पर ऐसे मामलों में लापरवाही देखी जाती है।

घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित आरोपी के पास हथियार कहां से आया और क्या वह लाइसेंसधारी था या नहीं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस घटना के सभी पहलुओं को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए तो आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस का फोकस फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी पर है।

यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि सामाजिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध हथियारों की मौजूदगी कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

कुल मिलाकर भागलपुर के तिनटंगा करारी गांव की यह घटना बेहद चिंताजनक है। शादी समारोह की खुशियां जिस तरह कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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