
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड स्थित श्रीचंदपुर गांव के निवासी अभिषेक कुमार ने शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने पूरे बिहार में 42वीं रैंक प्राप्त कर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) पद के लिए चयनित होकर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है।
अभिषेक कुमार की सफलता का सफर संघर्ष और निरंतर प्रयास का उदाहरण है। यह उनका चौथा प्रयास था। इससे पहले वे तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। वर्ष 2026 में पहली बार इंटरव्यू तक पहुंचे और अंतिम सूची में जगह बनाते हुए सफलता हासिल कर ली।
परिवार और शिक्षा का मजबूत आधार
अभिषेक के पिता अरविंद कुमार सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जबकि माता संजू देवी गृहिणी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बिहारशरीफ में हुई। 12वीं की पढ़ाई पटेल कॉलेज से पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2013 में बीटेक की डिग्री हासिल की।

वर्तमान में अभिषेक बोकारो स्टील प्लांट (SAIL) में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी प्रियंका कुमारी बिजली विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के रूप में पटना में कार्यरत हैं। दंपति का एक पांच वर्षीय पुत्र भी है।
पत्नी और माता-पिता बने प्रेरणा स्रोत

अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, पत्नी और पूरे परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया।
“मेरा चयन 70वीं बीपीएससी सिविल सेवा में एसडीएम पद पर हुआ है। मेरी 42वीं रैंक आई है। मेरे माता-पिता और मेरी पत्नी हमेशा गाइडिंग कोच की तरह मेरे साथ खड़े रहे।” — अभिषेक कुमार
समाज में बदलाव लाने का संकल्प
अभिषेक कुमार ने कहा कि SDM के रूप में उनकी प्राथमिकता समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होगी। साथ ही वे गरीब विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करने और उन्हें मार्गदर्शन देने का प्रयास करेंगे।
उनकी सफलता यह साबित करती है कि लगातार मेहनत, धैर्य और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। नालंदा सहित पूरे क्षेत्र में उनकी उपलब्धि को लेकर खुशी और गर्व का माहौल है।


