
दांबुला: 21 जून को खेले गए वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में इंडिया A ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका A को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। कप्तान तिलक वर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार खेल दिखाया।
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया A ने 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में श्रीलंका A की टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
वैभव सूर्यवंशी ने मचाया धमाल
भारतीय पारी की सबसे बड़ी खासियत 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। मैदान पर उतरते ही उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया।
वैभव ने केवल 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली। 324.14 के स्ट्राइक रेट से खेली गई उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने शुरुआती 6 ओवर में ही 99 रन और 8 ओवर में 123 रन बना लिए थे।
तिलक वर्मा और अन्य बल्लेबाजों का योगदान
वैभव के अलावा कप्तान तिलक वर्मा ने 67 रन की जिम्मेदार पारी खेली। वहीं प्रियांश आर्या और अनुकूल रॉय ने 39-39 रन का योगदान देकर टीम के स्कोर को मजबूती प्रदान की।
भारतीय बल्लेबाजों के सामूहिक प्रदर्शन के दम पर टीम 377 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
यश ठाकुर और विप्रज निगम की घातक गेंदबाजी
378 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका A की शुरुआत खराब रही। तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने शुरुआती झटके देकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर दबाव बना दिया।
श्रीलंका की ओर से वनुजा सहान ने 62 रन और सदीरा समराविक्रमा ने 52 रन की संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और श्रीलंका A की पूरी टीम को 311 रन पर समेट दिया।
भारत की जीत के हीरो
गेंदबाजी में यश ठाकुर और विप्रज निगम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-3 विकेट हासिल किए। वहीं स्पिन ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने 2 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस जीत के साथ इंडिया A ने ट्राई सीरीज का खिताब अपने नाम किया और युवा खिलाड़ियों ने भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही, जिनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने फाइनल का रुख पूरी तरह बदल दिया।


