बांका के चर्चित जमीन कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, मुख्य शूटर गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

बिहार के बांका जिले में चर्चित जमीन कारोबारी हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य शूटर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने उसके पास से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी को पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड में एक अहम सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य शूटर की गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिलेगी और हत्या की साजिश के पीछे छिपे कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

यह मामला जिले के थाना क्षेत्र का है, जहां 26 मई को हुए दोहरे गोलीकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। उस दिन शाम करीब छह बजे रुपसा गांव के समीप अपराधियों ने जमीन कारोबारी मिथलेश यादव उर्फ बिडियो यादव और केंदन सिंह को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। अचानक हुई इस फायरिंग से आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

गोलीबारी की इस घटना में मिथलेश यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं केंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के (मायागंज अस्पताल) रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया था। जमीन कारोबार से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल विशेष जांच टीम का गठन किया।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम को इस मामले की हर पहलू से जांच का जिम्मा सौंपा गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस की रणनीति थी कि आरोपियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाए।

जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर मामले में शामिल कई संदिग्धों को हिरासत में लिया। इस मामले में अब तक सात आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। हालांकि मुख्य शूटर लगातार फरार चल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था।

रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि मुख्य शूटर की पहचान सेमुल कुमार साह उर्फ सेमुल साह के रूप में हुई है। 22 वर्षीय आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस लगातार उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी। 20 जून को गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार का उपयोग इसी हत्याकांड में किया गया था या नहीं।

एसपी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। सेमुल कुमार साह के खिलाफ रजौन थाना में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल आठ मामले दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है और उसका अपराध जगत से पुराना संबंध है।

पुलिस का मानना है कि मुख्य शूटर की गिरफ्तारी से हत्या के पीछे की पूरी साजिश सामने आने की संभावना बढ़ गई है। अब जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि हत्या का वास्तविक कारण क्या था। प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद, पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी जैसे पहलुओं को प्रमुख माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस हत्या के पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था। यदि ऐसा पाया जाता है तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

इस सफलता के पीछे पुलिस टीम की लगातार मेहनत को अहम माना जा रहा है। छापेमारी दल में रजौन थानाध्यक्ष रतन कुमार, डीआईयू शाखा के मनीष कुमार, पुअनि मुकेश कुमार, विनोद कुमार, शुभम कुमार, डीआईयू टीम तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। सभी ने समन्वित कार्रवाई कर आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मृतक मिथलेश यादव के परिजनों ने मुख्य शूटर की गिरफ्तारी पर संतोष जताया है, लेकिन साथ ही मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की है। परिजनों का कहना है कि जब तक साजिश के पीछे शामिल हर व्यक्ति गिरफ्तार नहीं हो जाता, तब तक उन्हें पूरी न्याय की अनुभूति नहीं होगी।

बांका पुलिस की यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था के लिहाज से बड़ी सफलता मानी जा रही है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने यह संकेत दिया है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि अभी भी जांच जारी है और कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है।

फिलहाल मुख्य शूटर की गिरफ्तारी ने इस चर्चित हत्याकांड की जांच को नई रफ्तार दे दी है। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश होगा और सभी दोषियों को कानून के तहत सजा मिलेगी।

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