
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बहुप्रतीक्षित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कुल 2027 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इस बार का परिणाम कई मायनों में खास रहा, क्योंकि टॉप रैंक पर बिहार नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की अभ्यर्थी ने कब्जा जमाया। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडेय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 593 अंक हासिल किए और पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया।
दूसरे स्थान पर छपरा के शशांक गौरव रहे, जबकि पटना के आयुष बिजॉय ने तीसरी रैंक हासिल की। खास बात यह रही कि शशांक और आयुष दोनों के 592 अंक आए, लेकिन निबंध (Essay) में अधिक अंक मिलने के कारण शशांक को दूसरी रैंक दी गई।
यह परिणाम हजारों अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष, मेहनत और धैर्य का प्रतिफल है। परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई।
श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर, 58% से अधिक अंक हासिल
इस बार परीक्षा में टॉप करने वाली श्रद्धा पांडेय ने कुल 593 अंक हासिल किए। BPSC सिविल सेवा परीक्षा की मेधा सूची 1020 अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें शामिल हैं—
- सामान्य अध्ययन (GS Paper-1): 300 अंक
- सामान्य अध्ययन (GS Paper-2): 300 अंक
- निबंध (Essay): 300 अंक
- साक्षात्कार (Interview): 120 अंक
हिंदी और वैकल्पिक विषय केवल क्वालिफाइंग होते हैं।
इस हिसाब से श्रद्धा पांडेय ने लगभग 58.13 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो प्रतियोगिता के स्तर को देखते हुए बेहद शानदार प्रदर्शन माना जा रहा है।
छपरा के शशांक ने बढ़ाया सारण का मान
शशांक गौरव ने दूसरे स्थान पर रहकर सारण जिले का नाम रोशन किया है। शशांक का प्रदर्शन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों में बेहद संतुलित रहा। आयुष बिजॉय के बराबर अंक होने के बावजूद निबंध में बेहतर स्कोर ने उन्हें दूसरी रैंक दिलाई।
शशांक की सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया कि बिहार के छोटे शहरों और कस्बों से भी प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।
पटना के आयुष बिजॉय तीसरे स्थान पर
राजधानी पटना के आयुष बिजॉय ने तीसरा स्थान हासिल किया। आयुष का चयन युवाओं के लिए प्रेरणा बना है। राजधानी के छात्र लंबे समय से BPSC की तैयारी में बड़ी संख्या में जुटते रहे हैं और आयुष की सफलता ने तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में नया उत्साह भर दिया है।
महिलाओं का शानदार प्रदर्शन
70वीं BPSC परीक्षा का सबसे बड़ा आकर्षण महिलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन रहा।
- टॉप-20 में 10 महिलाएं
- टॉप-50 में 25 महिलाएं
यह आंकड़ा दिखाता है कि बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं में महिलाओं की भागीदारी और सफलता लगातार बढ़ रही है।
कुल चयनित अभ्यर्थियों में—
- 1282 पुरुष
- 745 महिलाएं
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह सामाजिक बदलाव का सकारात्मक संकेत है।
किन पदों पर हुआ चयन?
इस बार BPSC ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों के लिए चयन किया है। इनमें प्रमुख हैं—
- बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS): 200 पद
- डीएसपी (DSP): 136 पद
इसके अलावा अन्य विभागीय पदों पर भी चयन हुआ है। इन अधिकारियों की नियुक्ति राज्य प्रशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कट-ऑफ ने दिखाया कड़ा मुकाबला
इस वर्ष कट-ऑफ से स्पष्ट है कि प्रतियोगिता बेहद कठिन रही। सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ काफी ऊंचा गया।
लिखित और अंतिम कट-ऑफ (मुख्य श्रेणियां)
- अनारक्षित (UR): 445 | 528
- UR महिला: 444 | 521
- EWS: 428 | 528
- EWS महिला: 424 | 520
- SC: 396 | 493
- SC महिला: 392 | 487
- ST: 403 | 508
- ST महिला: 405 | 503
- EBC: 420 | 523
- EBC महिला: 417 | 520
- BC: 430 | 528
- BC महिला: 430 | 520
- BCL महिला: 421 | 520
दिव्यांग श्रेणी कट-ऑफ
- दृष्टिबाधित (VI): 376 | 478
- श्रवण बाधित (DD): 325 | 384
- OH: 396 | 505
- MD: 319 | 425
स्वतंत्रता सेनानी कोटा
- पोता/पोती: 412 | 509
कट-ऑफ से स्पष्ट है कि सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग में मुकाबला सबसे अधिक कड़ा रहा।
BPSC अध्यक्ष ने जारी किया परिणाम
BPSC अध्यक्ष ने परिणाम जारी किया। आयोग ने मेरिट सूची के साथ कट-ऑफ भी सार्वजनिक किया ताकि अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता समझने में आसानी हो।
आयोग के अनुसार चयन पूरी तरह मेरिट और आरक्षण नीति के अनुसार किया गया है।
सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत
BPSC जैसी परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं बल्कि मानसिक मजबूती, अनुशासन और धैर्य की भी परीक्षा होती है। अधिकांश सफल अभ्यर्थियों ने कई वर्षों तक लगातार तैयारी की। कई उम्मीदवार नौकरी करते हुए तैयारी कर रहे थे, जबकि कई ने सीमित संसाधनों में यह उपलब्धि हासिल की।
श्रद्धा, शशांक और आयुष जैसे अभ्यर्थियों की सफलता लाखों युवाओं के लिए संदेश है कि सही रणनीति और निरंतर मेहनत से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना परिणाम
70वीं BPSC का परिणाम सिर्फ चयन सूची नहीं है; यह बिहार और आसपास के राज्यों के युवाओं की आकांक्षाओं का दस्तावेज भी है। इस परीक्षा ने एक बार फिर दिखाया कि प्रतियोगिता कठिन जरूर है, लेकिन समर्पण और सही दिशा में प्रयास से सफलता संभव है।
अब सफल अभ्यर्थी प्रशिक्षण के बाद राज्य प्रशासन का हिस्सा बनेंगे और शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं जो अभ्यर्थी इस बार सफल नहीं हो सके, उनके लिए यह परिणाम अगली तैयारी का रोडमैप साबित होगा।
BPSC 70वीं परीक्षा का यह परिणाम आने वाले वर्षों में प्रशासनिक सेवाओं की नई तस्वीर तय करेगा।


