
पटना: बिहार प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पटना सिटी अनुमंडल में पदस्थापित भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) Abhilasha Sinha के खिलाफ दाखिल-खारिज अपील वाद के निष्पादन के नाम पर 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद Revenue and Land Reforms Department Bihar ने कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र गठित किया है और सामान्य प्रशासन विभाग को अधिकारी के निलंबन की अनुशंसा भेज दी है।
बिचौलिये के माध्यम से रिश्वत लेने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने एक दाखिल-खारिज अपील मामले के निपटारे के लिए कथित तौर पर वरीय पदाधिकारी के नाम पर बिचौलिये के माध्यम से 15 लाख रुपये की रिश्वत ली।
शिकायत विभाग तक पहुंचने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
निलंबन की सिफारिश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को रिपोर्ट भेजकर निलंबन की अनुशंसा की है।
बताया जा रहा है कि विभागीय मंत्री Dilip Jaiswal ने भी संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की सिफारिश पर अपनी सहमति दे दी है।
विभागीय जांच होगी
सूत्रों के अनुसार अब सामान्य प्रशासन विभाग पूरे मामले की समीक्षा करेगा। इसके बाद निलंबन और विभागीय जांच से संबंधित अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
भ्रष्टाचार पर सरकार की सख्ती
बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर रिश्वत लेने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला काफी चर्चाओं में आ गया है।
मुख्य बिंदु
- पटना सिटी की DCLR अभिलाषा सिन्हा पर 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप।
- दाखिल-खारिज अपील वाद के निष्पादन से जुड़ा मामला।
- बिचौलिये के माध्यम से रकम लेने की शिकायत।
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आरोप पत्र गठित किया।
- सामान्य प्रशासन विभाग को निलंबन की अनुशंसा भेजी गई।
- मंत्री दिलीप जायसवाल ने कार्रवाई पर सहमति दी।


