मुख्यमंत्री ने शुरू किया राज्यव्यापी जन-कल्याण अभियान, 534 प्रखंडों में लगे शिविरों से लोगों को मिलेंगी एक ही जगह पर 73 से अधिक योजनाओं की सुविधाएं

बिहार सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी स्तर पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक साथ आयोजित किए जा रहे प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविरों का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाएं और योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ प्रखंड स्थित नदियावां में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी 73 विकास योजनाओं को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास को गांव-गांव तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और लाभार्थियों तक उनकी पहुंच की जानकारी ली।

शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, समाज कल्याण, गृह, परिवहन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, राजस्व एवं भूमि सुधार सहित कई विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए थे। यहां लोगों को आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, दिव्यांग कल्याण योजना और अन्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सांकेतिक चेक, स्वीकृति पत्र और अन्य दस्तावेज भी वितरित किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ा जाना चाहिए ताकि बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ कम हो सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से गरीब और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में पात्र लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन राशि को बढ़ाकर 1100 रुपये किया गया है। हालांकि अभी भी लाखों ऐसे परिवार हैं जिनका ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है या जिनका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें शीघ्र पेंशन योजना से जोड़ा जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने बताया कि लाखों महिलाएं लखपति दीदी योजना से जुड़ चुकी हैं और आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन महिलाओं को योजनाओं की राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें जल्द लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। उनका कहना था कि इन विद्यालयों में समाज के सभी वर्गों के बच्चे एक साथ शिक्षा प्राप्त करेंगे। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाना है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिल सके। इसके अलावा फुलवारीशरीफ प्रखंड के नदियावां स्थित मध्य विद्यालय को प्लस टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की गई।

बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलम्बर से जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन आसान होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर सड़क और परिवहन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है ताकि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य के दीर्घकालिक विकास से जुड़ी एक महत्वाकांक्षी योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले तीन वर्षों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत कोईलवर से दीघा और मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का निर्माण कराया जाएगा। उनका कहना था कि इससे न केवल यातायात व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस परियोजना को बिहार के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित और स्थिर माहौल बनाया जा रहा है। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बिहार को उद्योग, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेफरल प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि छोटे अस्पतालों से अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में मरीजों को न भेजा जाए। उनका कहना था कि गंभीर मामलों को ही उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जबकि सामान्य रोगियों का उपचार स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा। इससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और बड़े अस्पतालों पर दबाव भी कम होगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक और शैक्षणिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के बाद अब भागलपुर स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इससे बिहार की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर केवल योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का मंच भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठाएं। उनका कहना था कि जब तक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा, तब तक विकास का उद्देश्य पूर्ण नहीं माना जा सकता। इसी सोच के साथ सरकार राज्य के हर नागरिक तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

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