
भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड स्थित अम्बा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। शिविर में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं उपस्थित होकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं, सुझाव और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
सहयोग शिविर में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरिय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के साथ विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिविर के दौरान कुल 27 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 24 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष तीन आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए उनके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की इस त्वरित कार्यशैली से उपस्थित ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखने को मिला।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि प्रशासन लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। गांव स्तर पर आयोजित ऐसे शिविरों के माध्यम से नागरिकों को सीधे प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनता की समस्याओं और सुझावों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा किया जाए। इसी उद्देश्य से विभिन्न पंचायतों में नियमित रूप से सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सहयोग पोर्टल की भी जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की शिकायत, सुझाव या मांग होने पर वे सहयोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन दर्ज करें। इससे शिकायतों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और उनके समाधान की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से प्रशासनिक सेवाएं और अधिक प्रभावी हो रही हैं तथा लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यदि किसी नागरिक को पुलिस से संबंधित किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है या किसी घटना की सूचना देनी होती है, तो वह आपातकालीन सेवा 112 का उपयोग कर सकता है। इस सेवा के माध्यम से पुलिस सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित सूचना देना अत्यंत आवश्यक है, जिससे समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और शिकायत निवारण प्रणालियों के प्रति जागरूक कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में अब अधिक संख्या में लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। जागरूकता अभियानों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाओं के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है।
उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1100 का भी उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक इस नंबर के माध्यम से भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सरकार द्वारा संचालित यह व्यवस्था लोगों को अपनी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम प्रदान करती है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो।
सहयोग शिविर के दौरान केवल शिकायतों का निपटारा ही नहीं किया गया, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। इससे पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिली। प्रशासन की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना रहा। इस अवसर पर स्थानीय 103 जीविका सहायता समूहों को कुल एक करोड़ 25 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता राशि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे समूहों की गतिविधियों का विस्तार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
वरिय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य लोगों में विश्वास कायम करना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, संदिग्ध व्यक्ति या कानून व्यवस्था से जुड़ी सूचना तुरंत पुलिस को दें। समय पर प्राप्त जानकारी से अपराध की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी।
एसएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचना चाहिए और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
अम्बा पंचायत में आयोजित यह सहयोग शिविर प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। शिविर के माध्यम से न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया, बल्कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं के समाधान को तेज गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उनके घर के निकट उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।


