भागलपुर में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान, लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव

भागलपुर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आम लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। साइबर थाना भागलपुर द्वारा 15 जून 2026 को शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष अभियान आयोजित किया गया, जिसमें नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने और साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

वर्तमान समय में डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर अपराधों की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें संभावित खतरों से बचाने के लिए भागलपुर पुलिस ने यह महत्वपूर्ण पहल की है। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों के बारे में जानकारी देना और उन्हें सतर्क बनाना था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में तथा पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान साइबर थाना की टीम ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद किया और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों और साइबर थाना के अधिकारियों ने राहगीरों, दुकानदारों, छात्रों तथा आम नागरिकों के बीच जागरूकता पंपलेट वितरित किए। इन पंपलेटों में साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के उपायों का विस्तार से उल्लेख किया गया था। लोगों को बताया गया कि साइबर अपराधी किस प्रकार तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उनकी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचाते हैं।

अभियान के दौरान विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, फिशिंग ईमेल, फर्जी कॉल, लॉटरी या इनाम के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, यूपीआई फ्रॉड तथा ओटीपी साझा करने के जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों की भावनाओं और लालच का फायदा उठाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध संदेश पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करना आवश्यक है।

कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों को यह भी समझाया गया कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। कई बार साइबर अपराधी आकर्षक ऑफर, नौकरी, इनाम या बैंक संबंधी अपडेट के नाम पर लिंक भेजते हैं, जिन पर क्लिक करते ही व्यक्ति की निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है। ऐसे मामलों में बैंक खाते, मोबाइल वॉलेट और अन्य डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक या सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन पर ओटीपी अथवा पासवर्ड नहीं मांगती हैं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो उसे तुरंत संदिग्ध मानते हुए उसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को देनी चाहिए।

इसके अलावा नागरिकों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा सेटिंग्स मजबूत रखने की सलाह भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना और केवल विश्वसनीय एप्लिकेशन ही डाउनलोड करना डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। इन सावधानियों को अपनाकर साइबर अपराधों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

साइबर थाना की टीम ने लोगों को यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटना होती है तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। समय पर शिकायत दर्ज कराने से आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है और अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिलती है। पुलिस ने नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी और बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में इस नंबर पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

अभियान के दौरान स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि डिजिटल तकनीक और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के दौर में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। नागरिकों ने माना कि साइबर अपराधियों के बदलते तरीकों को देखते हुए नियमित रूप से ऐसी जानकारी प्राप्त करना समय की जरूरत बन चुकी है।

भागलपुर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं, बल्कि जन-जागरूकता से भी संभव है। जब नागरिक स्वयं सतर्क रहेंगे और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करेंगे, तभी साइबर अपराधियों के मंसूबों को विफल किया जा सकेगा।

डिजिटल युग में जहां तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। भागलपुर पुलिस का यह अभियान न केवल लोगों को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता, जागरूकता और समय पर कार्रवाई सबसे प्रभावी हथियार हैं।

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