
हाजीपुर में पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कफ सिरप की भारी खेप बरामद की है। औद्योगिक थाना क्षेत्र के एक गोदाम में छापेमारी के दौरान करीब 2100 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 60 से 70 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने गोदाम को लीज पर लेने वाले पटना निवासी आकाश कुमार को मुख्य आरोपी मानते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हालांकि छापेमारी के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि हाजीपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक बंद गोदाम में भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप छिपाकर रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया और गोदाम पर छापा मारा। जब गोदाम का ताला खुलवाकर अंदर तलाशी ली गई तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी बरामद माल की मात्रा देखकर हैरान रह गए।
175 कार्टन में छिपाकर रखी गई थी खेप
पुलिस जांच में सामने आया कि गोदाम के भीतर 175 कार्टन में प्रतिबंधित कफ सिरप रखा गया था। सभी कार्टनों को व्यवस्थित तरीके से रखा गया था ताकि किसी को संदेह न हो। बरामद कफ सिरप की कुल मात्रा करीब 2100 लीटर बताई गई है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस खेप को विभिन्न जिलों और राज्यों में सप्लाई करने की तैयारी थी।
अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले कफ सिरप का एक स्थान पर जमा होना किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। इसलिए पुलिस अब केवल गोदाम मालिक तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी हुई है।
पटना निवासी ने लिया था गोदाम लीज पर
छापेमारी के बाद पुलिस ने गोदाम से जुड़े दस्तावेजों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पता चला कि गोदाम पटना निवासी आकाश कुमार ने लीज पर लिया था। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने उसे इस मामले का मुख्य आरोपी माना है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि गोदाम को केवल भंडारण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां नशीली दवाओं और प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप रखी जाती थी, जिसे बाद में अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाना था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा माल की सप्लाई कहां की जानी थी।
पुलिस ने दर्ज की नामजद प्राथमिकी
सदर एसडीपीओ वन सुबोध कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गोदाम में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया है। मामले में मुख्य आरोपी के रूप में आकाश कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा पुलिस गोदाम से बरामद दस्तावेजों, मोबाइल नंबरों और अन्य सुरागों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद कई और लोगों के नाम सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पुलिस और प्रशासन लगातार नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में शराब की जगह अन्य प्रकार के नशे की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसी कारण पुलिस अब कफ सिरप, नशीली गोलियों और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी पर विशेष नजर रख रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्रकार के कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। यही वजह है कि इनके भंडारण और बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाती है। बिना वैध दस्तावेज और अनुमति के इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप रखना कानूनन अपराध माना जाता है।
हाजीपुर बनता जा रहा तस्करों का ट्रांजिट प्वाइंट
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि हाजीपुर की भौगोलिक स्थिति इसे कई राज्यों से जोड़ती है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और अन्य परिवहन सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर कुछ आपराधिक गिरोह अवैध कारोबार को भी अंजाम देने की कोशिश करते हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बीते कुछ वर्षों में जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामलों का खुलासा हो चुका है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि हालिया बरामदगी भी किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
कई जिलों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
जांच एजेंसियों को आशंका है कि बरामद कफ सिरप की खेप केवल हाजीपुर या वैशाली जिले तक सीमित नहीं थी। इतनी बड़ी मात्रा यह संकेत देती है कि इसके पीछे व्यापक स्तर पर काम करने वाला नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब माल की खरीद, भंडारण और संभावित वितरण चैनल की जानकारी जुटा रही है।
इसके लिए तकनीकी जांच के साथ-साथ आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। यदि नेटवर्क का विस्तार अन्य जिलों या राज्यों तक पाया जाता है तो मामले में अन्य एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।
युवाओं में बढ़ रही नशे की चुनौती
नशीले पदार्थों के बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर समाजशास्त्री और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे पदार्थों की आसान उपलब्धता युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकती है। इसलिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं।
प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप की बरामदगी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे के कारोबार से जुड़े गिरोह किस तरह नए-नए तरीके अपनाकर अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि इस मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल हाजीपुर पुलिस की यह कार्रवाई जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जा रही है। 70 लाख रुपये तक की कीमत वाली इस बड़ी खेप की बरामदगी से न केवल एक संभावित सप्लाई चेन को झटका लगा है, बल्कि यह भी संकेत मिला है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अवैध कारोबार पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।


