
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की ‘निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी।
‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से चर्चित मुकेश सहनी ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से वे निषाद समाज के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी संघर्ष का परिणाम है कि आज निषाद समाज का प्रतिनिधित्व सत्ता और सरकार में दिखाई दे रहा है।
सहनी ने बताया कि संकल्प यात्रा के दौरान गांव-गांव, टोले-मोहल्लों और कस्बों में जाकर निषाद समाज के लोगों को गंगाजल देकर शपथ दिलाई जाएगी। इस शपथ में यह संकल्प लिया जाएगा कि यदि वर्ष 2027 से पहले केंद्र और राज्य सरकार निषाद समाज को आरक्षण नहीं देती है, तो समाज भाजपा का समर्थन नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान लिए गए संकल्पों के वीडियो देश के प्रमुख नेताओं, जिनमें Narendra Modi, Yogi Adityanath, Amit Shah, Rahul Gandhi और Akhilesh Yadav शामिल हैं, उन्हें भेजे जाएंगे।
मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री Sanjay Nishad का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें निषाद समाज के आरक्षण के लिए निर्णायक लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय निषाद को छह महीने का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में वे समाज के लिए आरक्षण सुनिश्चित करा देते हैं तो उन्हें पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के हित में खुलकर संघर्ष करना चाहिए।

वीआईपी प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में निषाद समाज की आबादी और वोट बैंक राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा हो जाए तो प्रदेश की राजनीति की दिशा बदल सकता है।
सहनी ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है, तो निषाद समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे। उनके अनुसार यह अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई है।
आने वाले दिनों में वीआईपी पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर निषाद समाज को एकजुट करने और आरक्षण की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।




