
बिहार में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से आयोजित कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
प्रमुख सुरक्षा व्यवस्थाएं
- सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
- अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
- प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग (सघन जांच)
- केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती
- परीक्षा गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र में निम्न वस्तुएं ले जाना प्रतिबंधित होगा:
- मोबाइल फोन
- स्मार्ट वॉच
- ब्लूटूथ डिवाइस
- ईयरफोन
- कैलकुलेटर
- अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट
यदि किसी अभ्यर्थी के पास प्रतिबंधित सामग्री पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
समय से पहुंचना जरूरी
अभ्यर्थियों को निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रवेश समय समाप्त होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों को भी सख्त निर्देश
प्रशासन ने केंद्राधीक्षकों, सुरक्षा कर्मियों और परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे राज्य में हाई अलर्ट
पटना सहित सभी जिलों में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया है और कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और कदाचारमुक्त रहे।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
- एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र साथ रखें।
- समय से पहले केंद्र पहुंचें।
- किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
- प्रतिबंधित वस्तुएं साथ न लाएं।
- परीक्षा नियमों का पालन करें।
यह भर्ती परीक्षा हजारों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में प्रशासन का फोकस सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर है, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।


