अमानक बीज बेचने वाली कंपनियों पर होगी सख्त कार्रवाई, तीन साल का रिकॉर्ड मांगा; किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर कृषि मंत्री का जोर

पटना: बिहार में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बाजार में अमानक बीज बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले तीन वर्षों में अमानक पाए गए बीजों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा भी तलब किया है।

बुधवार को पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने बीज विश्लेषण व्यवस्था, राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्रों और किसानों तक प्रमाणित बीज की उपलब्धता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विभागीय अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए, जिनका उद्देश्य राज्य में बीज गुणवत्ता की निगरानी को और प्रभावी बनाना तथा किसानों को समय पर बेहतर बीज उपलब्ध कराना है।

बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन का सबसे मजबूत आधार गुणवत्तायुक्त बीज है। यदि किसानों को सही गुणवत्ता का बीज समय पर उपलब्ध नहीं होगा तो इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा। इसलिए बीज की गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से राज्य में संचालित बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिया कि जिला स्तर पर स्वीकृत प्रयोगशालाओं की स्थापना और उन्हें पूरी तरह कार्यशील बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि बिहार में बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना किस वित्तीय वर्ष से शुरू हुई और वर्तमान समय में इनका विस्तार किस चरण में है।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने 31 जिला स्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। इन प्रयोगशालाओं के संचालन, उपकरणों की उपलब्धता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया जारी है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रयोगशालाओं के मजबूत होने से बीजों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच समय पर हो सकेगी और किसानों तक केवल प्रमाणित एवं मानक गुणवत्ता वाले बीज ही पहुंचेंगे।

विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान बाजार में जिन बीजों को जांच के दौरान अमानक पाया गया, उनकी पूरी सूची तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही यह भी बताया जाए कि संबंधित कंपनियों के खिलाफ अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई और किन मामलों में अभी भी कार्रवाई लंबित है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष किसानों से अमानक बीजों की शिकायतें प्राप्त होती हैं। यदि कोई कंपनी मानकों के अनुरूप बीज उपलब्ध नहीं कराती है या किसानों के साथ गुणवत्ता के नाम पर धोखा करती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी कंपनियों को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में केवल उच्च गुणवत्ता वाले बीज ही उपलब्ध हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीज की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में नियमित निरीक्षण और सैंपल जांच की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए ताकि समय रहते अनियमितताओं का पता लगाया जा सके।

बैठक में राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि मौसम और खेती के चक्र को ध्यान में रखते हुए आधार (फाउंडेशन) बीज का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि आधार बीज से प्रमाणित (सर्टिफाइड) बीज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके।

उन्होंने बिहार राज्य बीज निगम की भूमिका को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बीज उत्पादन से लेकर वितरण तक पूरी व्यवस्था पारदर्शी, वैज्ञानिक और समयबद्ध होनी चाहिए। इससे किसानों को निजी कंपनियों पर अत्यधिक निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें प्रमाणित बीज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीज उत्पादन, भंडारण और वितरण की पूरी श्रृंखला की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों तक बीज निर्धारित समय पर पहुंचे ताकि बुआई के मौसम में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान यह भी कहा गया कि आधुनिक कृषि में गुणवत्तापूर्ण बीज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएं तो उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

सरकार का मानना है कि मजबूत बीज परीक्षण व्यवस्था, प्रभावी निगरानी और अमानक बीज बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता आधारित व्यवस्था विकसित होगी। इसी उद्देश्य से विभाग को सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने और तय समय सीमा के भीतर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि मंत्री ने अंत में दोहराया कि बिहार सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बीज की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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