सुपौल में थाना हाजत में युवक की मौत से बवाल! आत्महत्या या कुछ और? परिजनों ने थाने का घेराव कर SH-91 किया जाम

सुपौल: बिहार के सुपौल जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जदिया थाना की हाजत में बंद 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में भारी बवाल मच गया। पुलिस जहां इसे आत्महत्या बता रही है, वहीं परिजन और ग्रामीण पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

मृतक की पहचान जदिया थाना क्षेत्र के रजगांव वार्ड संख्या-2 निवासी बिट्टू कुमार (24) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसे शराब के नशे में होने के आरोप में हिरासत में लिया था और थाना हाजत में रखा था। पुलिस का दावा है कि युवक ने हाजत में मौजूद कंबल की पट्टी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना की जानकारी मिलते ही थाना परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मौत की खबर मिलते ही फूटा गुस्सा

बिट्टू कुमार की मौत की खबर जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों तक पहुंची, बड़ी संख्या में लोग जदिया थाना पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने थाना का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने थाना के सामने से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-91 को जाम कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

मृतक के परिजनों का आरोप है कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता। उनका कहना है कि जब युवक पुलिस हिरासत में था तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की थी। ऐसे में हाजत के अंदर हुई मौत कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

परिजनों ने मामले की न्यायिक और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

SP खुद पहुंचे मौके पर

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. स्वयं जदिया थाना पहुंचे। उन्होंने परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

एसपी ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में बंद लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे जिले की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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