लखनऊ में महिला अभ्यर्थियों से दुष्कर्म की कोशिश नाकाम, 20 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक को दबोचा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस भर्ती परीक्षा देने आईं दो महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए आरोपी ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया। घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस पूरे मामले में दोनों युवतियों की बहादुरी और सूझबूझ की भी व्यापक चर्चा हो रही है, जिनकी हिम्मत के कारण आरोपी अपने इरादों में सफल नहीं हो सका।

जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए लखीमपुर खीरी से लखनऊ आई थीं। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की तैयारी के दौरान उनके साथ यह घटना हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद तत्काल जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

बताया जा रहा है कि दोनों अभ्यर्थी परीक्षा से पहले अपने रिश्तेदार के घर पर रुकी हुई थीं। परीक्षा केंद्र के लिए रवाना होने के उद्देश्य से वे तड़के सुबह रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां से उन्हें आगे बस अड्डे जाना था, जहां से परीक्षा केंद्र के लिए बस मिलनी थी। इसी दौरान उन्होंने एक ऑटो लिया और अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ीं।

पुलिस जांच में सामने आया कि ऑटो चालक ने रास्ते में कथित तौर पर सड़क खराब होने और ट्रैफिक की समस्या का बहाना बनाकर वाहन को निर्धारित मार्ग से अलग दिशा में मोड़ दिया। शुरुआत में युवतियों को स्थिति पर संदेह नहीं हुआ, लेकिन जब वाहन सुनसान इलाके की ओर बढ़ने लगा तो उन्हें खतरे का आभास हुआ।

आरोप है कि चालक उन्हें शहर के अपेक्षाकृत सुनसान क्षेत्र में ले गया और वहां उनके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। अचानक आई इस परिस्थिति से दोनों युवतियां घबरा गईं, लेकिन उन्होंने साहस नहीं खोया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों ने संयम बनाए रखा और आरोपी का मुकाबला करने का फैसला किया।

घटना के दौरान एक युवती ने आत्मरक्षा का परिचय देते हुए आरोपी का विरोध किया। इसी बीच आरोपी की पकड़ कमजोर पड़ने पर दोनों ने जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। सुबह के समय सुनसान इलाके में गूंजती उनकी आवाज ने आसपास से गुजर रहे लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक राहगीर युवक उनकी चीखें सुनकर मौके की ओर बढ़ा। किसी के आते देख आरोपी घबरा गया और वहां से भाग निकला। युवतियों को सुरक्षित देखकर राहगीर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और पीड़िताओं से पूरी जानकारी ली।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो। तमाम तनाव और मानसिक दबाव के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।

इधर पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया। शहर के विभिन्न इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। ऑटो के संभावित रूट, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के करीब 20 घंटे के भीतर आरोपी की लोकेशन का पता लगा लिया गया। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची तो उसने भागने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम का सामना किया, जिसके बाद हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया और उसे हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या वह पहले भी किसी अपराध में शामिल रहा है या नहीं।

इस घटना ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रभावी उपायों की आवश्यकता है। साथ ही यात्रियों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी जा रही है।

महिला सुरक्षा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस मामले में दोनों युवतियों ने जिस साहस का परिचय दिया, वह अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। आत्मरक्षा, त्वरित निर्णय और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें बड़ी अनहोनी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस अधिकारियों ने भी दोनों अभ्यर्थियों की बहादुरी की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि युवतियां हिम्मत नहीं दिखातीं और समय रहते विरोध नहीं करतीं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस हेल्पलाइन का उपयोग करें और अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे न हटें।

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को अदालत के सामने पेश किया जा सके।

लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से योजना बनाएं, लेकिन पीड़ितों का साहस, आम नागरिकों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई मिलकर अपराध को विफल कर सकती है। वहीं, यह मामला महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक गंभीर संदेश भी छोड़ गया है।

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