झारखंड में दिल दहला देने वाला ट्रिपल मर्डर: पिता ने सोती हुई तीन बेटियों की ली जान, अवैध रिश्ते की चर्चा से सनसनी

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से सामने आई एक भयावह घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता पर अपनी ही तीन मासूम बेटियों की निर्मम हत्या करने का आरोप लगा है। घटना इतनी दर्दनाक है कि जिसने भी इसके बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया। बताया जा रहा है कि परिवार के सभी सदस्य रात में सो रहे थे, तभी तड़के आरोपी ने घर के अंदर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां और छोटा भाई किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।

यह सनसनीखेज मामला गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव का है, जहां सोमवार की सुबह परिवार के भीतर घटी इस त्रासदी ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब पूरा परिवार गहरी नींद में था। सुबह करीब चार बजे के आसपास अचानक घर के भीतर चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दीं। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक घर के अंदर एक ऐसी घटना घट चुकी थी, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने घर में सो रही अपनी तीनों बेटियों पर धारदार हथियार से हमला किया। बच्चियां इतनी कम उम्र की थीं कि उन्हें अपनी रक्षा करने या किसी को मदद के लिए पुकारने का भी मौका नहीं मिला। गंभीर चोटों के कारण तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक बच्चियों में एक किशोरी और दो छोटी बहनें शामिल थीं। तीनों की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।

घटना के दौरान घर में मौजूद मां की नींद अचानक चीखों की आवाज सुनकर खुली। जब उन्होंने अपनी बेटियों को घायल अवस्था में देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बताया जाता है कि आरोपी का अगला निशाना उसकी पत्नी और बेटा भी थे। हालांकि, महिला ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने छोटे बेटे को गोद में उठाया और घर से बाहर निकलकर जान बचाने में कामयाब रही।

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, महिला अंधेरे का फायदा उठाकर पड़ोसियों के घर पहुंची और मदद की गुहार लगाई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद घटना की जानकारी तेजी से पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की तथा आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वह घटना के बाद भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।

प्रारंभिक जांच में इस घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और निजी संबंधों को लेकर चल रहा तनाव सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी और उसकी पत्नी के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपी का किसी अन्य महिला के साथ संबंध था, जिसे लेकर परिवार में अक्सर झगड़े होते थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।

पड़ोसियों का कहना है कि परिवार में तनाव की स्थिति नई नहीं थी। कई बार घर से झगड़े और बहस की आवाजें सुनाई देती थीं। हालांकि किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि मामला इतना भयावह रूप ले लेगा कि तीन मासूम बच्चियों की जान चली जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चियां बेहद शांत स्वभाव की थीं और गांव के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थीं।

घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। मृत बच्चियों के घर पर लोगों की भीड़ जुटी रही। कई ग्रामीणों की आंखें नम थीं और वे इस दर्दनाक घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त कर रहे थे। लोगों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को निशाना बनाना अमानवीय और अस्वीकार्य है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके बयान और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या किसी अचानक उत्पन्न हुए विवाद का परिणाम। जांच एजेंसियां आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दे रही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने घर से विभिन्न नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। वैज्ञानिक जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात किस प्रकार अंजाम दी गई और घटना के समय घर के अंदर क्या परिस्थितियां थीं।

पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है। तीनों बच्चियों के शवों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों और पारिवारिक तनाव के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि पारिवारिक समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं होने पर कई बार स्थिति खतरनाक रूप ले सकती है। ऐसे मामलों में सामाजिक जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पारिवारिक परामर्श की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल गिरिडीह की यह घटना पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर कोई पिता अपनी ही बेटियों के खिलाफ इतना क्रूर कदम कैसे उठा सकता है। पुलिस जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो जाएगा। लेकिन तीन मासूम बच्चियों की मौत से जो दर्द और शोक उनके परिवार तथा पूरे गांव को मिला है, उसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

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