बिहार की फिल्म नीति से बदलेगी सिनेमा की तस्वीर: स्थानीय कलाकारों को मिलेगा रोजगार, निर्माताओं को 4 करोड़ तक की सब्सिडी

पटना। बिहार लंबे समय से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, लोककलाओं और अनगिनत प्रतिभाओं के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि, फिल्म उद्योग के क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं का अपेक्षित स्तर पर उपयोग नहीं हो सका था। अब बिहार सरकार की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति राज्य को फिल्म निर्माण के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि फिल्म उद्योग न केवल कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार का माध्यम बनेगा, बल्कि हजारों स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

इसी उद्देश्य को लेकर कला एवं संस्कृति विभाग लगातार फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के साथ संवाद स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने पटना स्थित अपने आवास पर फिल्म अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में फिल्म निर्माण की संभावनाओं, स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा देने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने और राज्य में फिल्म उद्योग के भविष्य पर विस्तृत चर्चा हुई।

बिहार को फिल्म निर्माण का नया केंद्र बनाने की तैयारी

मुलाकात के दौरान मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार सरकार राज्य को फिल्म निर्माण के लिए आकर्षक और सुविधाजनक गंतव्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024 को व्यापक अध्ययन और विभिन्न राज्यों की सफल फिल्म नीतियों के विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है।

सरकार का उद्देश्य केवल फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहां स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, लेखकों, संगीतकारों, कैमरा टीम, मेकअप आर्टिस्ट और अन्य संबंधित पेशेवरों को भी पर्याप्त अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

निर्माताओं को मिलेगा 4 करोड़ रुपये तक का अनुदान

डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024 के तहत राज्य में फिल्म शूटिंग करने वाले निर्माताओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नीति के अनुसार योग्य फिल्मों को अधिकतम 4 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि इस तरह की वित्तीय सहायता से बड़े और मध्यम स्तर के निर्माता बिहार में फिल्म निर्माण के लिए आकर्षित होंगे। इससे राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बिहार के पास ऐसी अनेक लोकेशन हैं जो फिल्म निर्माण के लिए बेहद उपयुक्त हैं, लेकिन अब तक उनका पर्याप्त उपयोग नहीं हो पाया था। नई नीति के माध्यम से इस स्थिति को बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय कलाकारों को मिलेगा विशेष लाभ

फिल्म नीति की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देना है। मंत्री ने बताया कि यदि किसी फिल्म में बिहार के कलाकारों को अवसर दिया जाता है तो निर्माताओं को उन कलाकारों को किए गए भुगतान का 50 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है।

इस प्रावधान का उद्देश्य बिहार की प्रतिभाओं को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। लंबे समय से बिहार के कलाकारों को काम की तलाश में मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता था, लेकिन अब राज्य में ही उनके लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय कलाकारों का मनोबल बढ़ेगा और बिहार की प्रतिभाएं राष्ट्रीय फिल्म उद्योग में अपनी अलग पहचान बना सकेंगी।

50 से अधिक फिल्मों को मिल चुकी है अनुमति

डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि फिल्म नीति लागू होने के बाद अब तक 50 से अधिक फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति दी जा चुकी है। इनमें से अधिकांश फिल्मों की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी भी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी बड़े निर्माता को प्रशासनिक स्तर पर कोई गंभीर समस्या नहीं हुई है। सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों।

मंत्री के अनुसार राज्य सरकार का प्रयास है कि फिल्म निर्माताओं को एक पेशेवर और सकारात्मक अनुभव मिले, ताकि वे भविष्य में भी बिहार को अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए प्राथमिकता दें।

ऑनलाइन मिलेगा शूटिंग परमिशन

फिल्म उद्योग को सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने अनुमति प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। अब फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्री ने बताया कि बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के माध्यम से ऑनलाइन शूटिंग परमिशन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इससे समय की बचत होती है और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद फिल्म निर्माताओं को प्रशासनिक प्रक्रिया में काफी सहूलियत मिल रही है, जिससे शूटिंग योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिल रही है।

कलाकारों और वेंडरों का तैयार हो रहा डाटाबेस

राज्य में फिल्म उद्योग को मजबूत बनाने के लिए सरकार स्थानीय कलाकारों और वेंडरों का व्यापक डाटाबेस भी तैयार कर रही है। इसके तहत अभिनेता, अभिनेत्री, तकनीशियन, मेकअप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, उपकरण प्रदाता, लोकेशन मैनेजर और अन्य संबंधित पेशेवर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य फिल्म निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें बाहरी राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

फिल्म अभिनेता ने की नीति की सराहना

फिल्म अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह ने बिहार सरकार द्वारा लागू की गई फिल्म नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल राज्य के फिल्म उद्योग के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलने से राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों को देशभर में नई पहचान मिलेगी। साथ ही राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक कहानियों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

‘सरकारी मीडियम’ की शूटिंग बनी सकारात्मक अनुभव

कुमार कन्हैया सिंह ने बताया कि उनकी हाल ही में पूरी हुई हिंदी फिल्म “सरकारी मीडियम” की शूटिंग पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न स्थानों पर संपन्न हुई। शूटिंग के दौरान फिल्म निगम और स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिला।

उन्होंने कहा कि अनुमति प्राप्त करने से लेकर शूटिंग पूरी होने तक पूरी प्रक्रिया सहज और व्यवस्थित रही। इससे फिल्म निर्माताओं का बिहार के प्रति विश्वास बढ़ा है।

बिहार में फिल्म अवॉर्ड शो की उठी मांग

मुलाकात के दौरान अभिनेता ने सुझाव दिया कि बिहार में भी फिल्म अवॉर्ड समारोह आयोजित किए जाने चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से राज्य की फिल्म नीति को और मजबूती मिलेगी तथा फिल्म निर्माताओं का भरोसा बढ़ेगा।

उन्होंने बताया कि वह कुछ बड़े प्रोडक्शन हाउस के संपर्क में हैं और जल्द ही उनके साथ बिहार में नई फिल्मों की शूटिंग शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

फीडबैक के आधार पर बनेगी नई कार्ययोजना

डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार केवल नीति बनाकर नहीं रुकना चाहती, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए फिल्म निर्माताओं और कलाकारों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जल्द ही मुंबई सहित विभिन्न शहरों में कार्यरत बिहार के फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी। इस संवाद के आधार पर नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी ताकि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में बिहार फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा और राज्य की कला, संस्कृति तथा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई मिलेगी।

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