खान सर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! नोएडा तक पहुंची जांच, हथियारों के लाइसेंस की पड़ताल में जुटी पुलिस

पटना। राजधानी पटना स्थित चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना की जांच अब बिहार से निकलकर उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई बिंदुओं पर एक साथ जांच कर रही है। इस बीच फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों से जब्त एनपीबी .315 बोर राइफल को लेकर महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

सूत्रों के अनुसार पटना पुलिस ने नोएडा स्थित सुरक्षा एजेंसी APS (एपीएस) को नोटिस जारी कर दोनों सुरक्षा गार्डों और उनके हथियारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस वैध हैं या नहीं और हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।

जांच एजेंसियों ने इस मामले में नोएडा पुलिस से भी संपर्क साधा है। दोनों सुरक्षा कर्मियों के हथियार लाइसेंस की सत्यता की जांच शुरू कर दी गई है। लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों को सत्यापन के लिए भेजा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दस्तावेज असली हैं और किसी प्रकार की जालसाजी नहीं हुई है।

इधर गिरफ्तार किए गए सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही है। पटना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बेवर थाना और कासगंज जिले के संबंधित थाने से संपर्क कर दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व गतिविधियों की जानकारी मांगी है। साथ ही सुरक्षा एजेंसी में उनकी नियुक्ति और सेवा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। फायरिंग की घटना के बाद पुलिस को अब तक घटनास्थल से कोई खोखा बरामद नहीं हुआ है। पूछताछ में गिरफ्तार गार्डों ने दावा किया है कि फायरिंग के बाद जमीन पर पड़ा खोखा किसी व्यक्ति ने उठा लिया था।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को बताया है कि घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने खोखा उठा लिया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह व्यक्ति कौन था और खोखा कहां ले जाया गया। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि खोखे की बरामदगी इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि फायरिंग किस हथियार से की गई थी और घटना के समय वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

रविवार को भी पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। हालांकि कोल्ड स्टोरेज परिसर में संचालित सभी कक्षाएं बंद रहने के कारण परिसर लगभग खाली रहा। इसके बावजूद पुलिस ने मौके से तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया।

फिलहाल पुलिस की जांच हथियारों के लाइसेंस की वैधता, फायरिंग की परिस्थितियों, खोखे की बरामदगी और सुरक्षा एजेंसी की भूमिका समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

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