
पटना: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा और जेडीयू के बाद अब Chirag Paswan की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने बिहार प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष Ashraf Ansari को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।
एलजेपी (रामविलास) ने जारी की आधिकारिक घोषणा
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने विचार-विमर्श के बाद अशरफ अंसारी के नाम पर अपनी औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही एनडीए के घटक दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा का सिलसिला लगभग पूरा होने की ओर बढ़ गया है।
कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) प्रमुख Chirag Paswan ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं।
उन्होंने लिखा कि विपरीत परिस्थितियों में भी कार्यकर्ताओं ने पार्टी संस्थापक Ram Vilas Paswan के आदर्शों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है। ऐसे कार्यकर्ताओं का सम्मान करना पार्टी की प्राथमिकता है।
चिराग पासवान ने यह भी याद किया कि वर्ष 2013 में जब उन्हें पार्टी की ओर से बिहार में जिम्मेदारी दी गई थी, तब अशरफ अंसारी के पिता ने भभुआ में एक सफल कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें राजनीतिक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
“यह फैसला हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा”
चिराग ने कहा कि अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाना केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी में संघर्ष, निष्ठा और संगठन के लिए काम करने वालों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
NDA की 9 सीटों पर तस्वीर लगभग साफ
विधान परिषद चुनाव के लिए जेडीयू पहले ही निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। वहीं भाजपा ने Pawan Singh, Sanjay Mayukh, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को मैदान में उतारा है।
अब एलजेपी (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी के नाम की घोषणा के बाद एनडीए के 9 उम्मीदवार लगभग तय हो चुके हैं।
अब सबकी नजर उपेंद्र कुशवाहा पर
राजनीतिक हलकों में अब सबसे ज्यादा चर्चा Upendra Kushwaha की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को लेकर है। बिहार सरकार में मंत्री Deepak Prakash को विधान परिषद भेजा जाना लगभग तय माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री बने रहने के लिए उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना होगा।
ऐसे में अंतिम सीट पर RLM के उम्मीदवार की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
क्या होगी वोटिंग?
यदि एनडीए की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और महागठबंधन भी अपना प्रत्याशी उतारता है, तो चुनाव निर्विरोध नहीं होगा और 18 जून को मतदान कराना पड़ सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष, खासकर Rashtriya Janata Dal, इस चुनाव में क्या रणनीति अपनाता है और क्या अंतिम सीट पर मुकाबला रोचक होता है।


