बेतिया में गरजे प्रशांत किशोर, परिवारवाद से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक नीतीश-लालू और NDA पर साधा निशाना

बेतिया: जन सुराज पार्टी के सूत्रधार Prashant Kishor ने पश्चिम चंपारण के बेतिया में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की मजबूती और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार, स्वास्थ्य व्यवस्था, परिवारवाद और पलायन जैसे मुद्दों पर एनडीए और राजद दोनों पर जमकर हमला बोला।

मुजफ्फरपुर अग्निकांड पर स्वास्थ्य मंत्री को घेरा

मुजफ्फरपुर के चर्चित अग्निकांड के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के दिल्ली रवाना होने को लेकर प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसी घटनाओं पर सरकार की संवेदनशीलता पहले भी सवालों के घेरे में रही है।

पीके ने कहा कि मुजफ्फरपुर पहले भी बड़े हादसों का गवाह रहा है, लेकिन तब भी सत्ता में बैठे लोगों की ओर से गंभीर प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली थी।

परिवारवाद पर लालू-नीतीश दोनों पर हमला

प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में परिवारवाद को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए सत्ता और विपक्ष दोनों को निशाने पर लिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar जीवनभर परिवारवाद के खिलाफ बोलते रहे, लेकिन आज उनके परिवार के सदस्य राजनीति और सत्ता के केंद्र में हैं। साथ ही उन्होंने Lalu Prasad Yadav, Upendra Kushwaha और Jitan Ram Manjhi के परिवारों का जिक्र करते हुए राजनीतिक दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

“नेता दोषी नहीं हैं, दोषी जनता है। अगर जनता परिवारवाद को वोट देगी तो नेता समाज नहीं, अपने परिवार के हित को प्राथमिकता देंगे।”

पलायन और मजदूरों की मौत पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि चुनाव के बाद विभिन्न राज्यों में दर्जनों बिहारी मजदूरों और युवाओं की मौत हुई है, लेकिन इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई गंभीर पहल या बयान सामने नहीं आया।

उन्होंने कहा कि बिहार से पलायन आज भी सबसे बड़ी समस्या है, लेकिन सरकार जाति और राजनीतिक मुद्दों में उलझी हुई है।

लाल-हरे गमछे की राजनीति पर तंज

पीके ने कहा कि बिहार की राजनीति जनता के मूल मुद्दों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों की बजाय जातीय और प्रतीकात्मक राजनीति पर ज्यादा है।

उनके अनुसार, जनता के असली मुद्दों पर चर्चा कम और राजनीतिक पहचान की राजनीति ज्यादा हो रही है।

सम्राट चौधरी के बयान पर कटाक्ष

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के कथित “फिजिक्स यूनिवर्सिटी” वाले बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और उच्च अध्ययन से जुड़े विषयों को लेकर सरकार के कई बयान गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

बांकीपुर उपचुनाव को बताया ‘रेफरेंडम’

जन सुराज प्रमुख ने बांकीपुर उपचुनाव को एनडीए सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि सरकार के वादों और दावों की परीक्षा है।

पीके ने दावा किया कि जन सुराज इस सीट पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी और जनता के बीच रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार और पलायन जैसे मुद्दे लेकर जाएगी।

बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत दौरा

दरअसल, Prashant Kishor इन दिनों बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। बेतिया में आयोजित बैठक के दौरान दिए गए उनके बयानों ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में परिवारवाद, विकास और शासन के मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है।

अब देखना होगा कि उनके आरोपों और सवालों पर भाजपा, जेडीयू और राजद की ओर से क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है।

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