4 महीने से लापता बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा पिता, CM से लगाई गुहार; वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

रोहतास: एक पिता के लिए उसकी औलाद ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी होती है। बेटे की एक झलक पाने के लिए वह हर मुश्किल सहने को तैयार रहता है। बिहार के रोहतास जिले में एक ऐसे ही बेबस पिता की कहानी सामने आई है, जो पिछले चार महीनों से अपने लापता बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा है। बेटे का कोई सुराग नहीं मिलने पर अब उसने प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक से मदद की गुहार लगाई है।

4 महीने पहले अचानक लापता हुआ बेटा

डेहरी के पड़ाव सब्जी मंडी में ठेला लगाकर फल-सब्जी बेचने वाले रामचंद्र सोनकर की जिंदगी उस दिन बदल गई, जब उनका 22 वर्षीय बेटा छोटू सोनकर अचानक घर से गायब हो गया। परिवार ने पहले अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो डेहरी नगर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

परिजनों के अनुसार, छोटू मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसे कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता था। फरवरी महीने में जब परिवार के सदस्य कुछ दिनों के लिए वाराणसी गए हुए थे, उसी दौरान वह घर से निकल गया और फिर वापस नहीं लौटा।

रोजगार छोड़ बेटे की तलाश में निकले पिता

रामचंद्र सोनकर का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपना कामकाज छोड़ दिया और खुद बेटे की तलाश में निकल पड़े।

“चार महीने से मेरा बेटा लापता है। अधिकारियों और सरकार से निवेदन है कि किसी तरह मेरे बेटे को खोजकर वापस लाया जाए। पता नहीं वह किस हाल में होगा। हर दिन किसी अनहोनी का डर सताता है।”
— रामचंद्र सोनकर, पिता

घाट पर मिली बेटे की शर्ट

तलाश के दौरान परिवार को सूचना मिली कि नासरीगंज क्षेत्र के एक बालू घाट पर उनके बेटे की शर्ट मिली है। पिता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, लेकिन क्षेत्राधिकार का हवाला देकर मामला आगे नहीं बढ़ सका। बाद में उन्होंने रोहतास के पुलिस अधीक्षक Roshan Kumar से मुलाकात की, जिन्होंने मामले में मदद का भरोसा दिया।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

बेटे की तलाश करते-करते रामचंद्र सोनकर भोजपुर जिले तक पहुंच गए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग एक युवक को बच्चा चोर बताकर खंभे से बांधकर पीटते दिखाई दे रहे थे।

पिता का दावा है कि वीडियो में दिख रहा युवक उनका बेटा था। जानकारी मिलने पर वे भोजपुर जिले के धूधूआ गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने बताया कि मारपीट के बाद युवक को डायल-112 पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड में नहीं मिला युवक

ग्रामीणों की बात पर भरोसा करते हुए पिता संबंधित थाने पहुंचे, लेकिन वहां पुलिसकर्मियों ने ऐसे किसी युवक को डायल-112 द्वारा लाए जाने की जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने भोजपुर पुलिस अधिकारियों से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक बेटे का कोई पता नहीं चल पाया है।

इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि युवक को पुलिस के हवाले किया गया था, तो वह आखिर कहां गया? सामान्य प्रक्रिया के अनुसार हिरासत में लिए गए व्यक्ति को नजदीकी थाने में लाया जाता है, लेकिन रिकॉर्ड में उसका नाम नहीं मिलने से रहस्य और गहरा गया है।

खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं रोहतास एसपी

रोहतास के एसपी Roshan Kumar ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और वे स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने भोजपुर, बक्सर और कैमूर के पुलिस अधीक्षकों से भी संपर्क किया है।

“मामला संज्ञान में है। संबंधित जिलों के एसपी से बात की गई है। युवक की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही पुलिस टीम परिजनों के साथ कोईलवर स्थित मानसिक आरोग्यशाला भी जाएगी, ताकि वहां युवक की पहचान की जा सके।”
— रौशन कुमार, एसपी, रोहतास

जवाब का इंतजार, बेटे की राह देखता पिता

चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन रामचंद्र सोनकर की उम्मीद अब भी जिंदा है। हर दिन वह इस आस में गुजरता है कि एक दिन उसका बेटा सकुशल घर लौट आएगा। फिलहाल यह मामला सिर्फ एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि एक पिता की पीड़ा, प्रशासनिक चुनौतियों और कई अनुत्तरित सवालों की कहानी बन चुका है।

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