
पटना। बिहार में बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत, भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने शुक्रवार को बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) तथा इसकी विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के कार्यों, विकास परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राजधानी पटना में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बढ़ती बिजली मांग, भीषण गर्मी और आगामी मानसून को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं ताकि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।
बिजली व्यवस्था को लेकर हुई व्यापक समीक्षा
ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के साथ-साथ नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल), साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल), बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड और बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, वितरण नेटवर्क के विस्तार और तकनीकी सुधारों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही उपभोक्ता सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बिजली वितरण प्रणाली को लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उपभोक्ता सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर
साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने बैठक के दौरान विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
इस प्रस्तुतीकरण में उपभोक्ता सेवाओं के विस्तार, बिजली वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण, विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नई परियोजनाओं और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के प्रयासों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई नई परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने विद्युत ढांचे को भी आधुनिक तकनीकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
शिकायत निवारण प्रणाली को बनाया जा रहा मजबूत
बैठक में उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष चर्चा हुई। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ता विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। यदि किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्या उत्पन्न होती है तो उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था से उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और सेवा गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
विभागीय कार्यों की ऊर्जा मंत्री ने की सराहना
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने विभाग द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में बिहार ने बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बिजली की उपलब्धता पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी सुधार की संभावनाएं बनी हुई हैं और विभाग को और अधिक दक्षता तथा समर्पण के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक तक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं बल्कि आधुनिक विकास की आधारभूत आवश्यकता बन चुकी है। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू जीवन सभी क्षेत्रों में बिजली की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसी कारण सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि राज्य के हर हिस्से में निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध हो और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलें।
बढ़ती मांग को देखते हुए तैयारियां तेज
बैठक में राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली मांग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, शहरीकरण और घरेलू उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है।
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक तैयारियां की जाएं तो बढ़ती मांग के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है।
ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि पर जोर
समीक्षा बैठक में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और विद्युत अवसंरचना को मजबूत करने से संबंधित योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में बढ़ते लोड को देखते हुए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना और पुराने उपकरणों के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी और बार-बार होने वाली तकनीकी समस्याओं में कमी आएगी।
मानसून और गर्मी को लेकर विशेष निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने भीषण गर्मी और आगामी मानसून को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है जबकि मानसून के दौरान कई तकनीकी चुनौतियां सामने आती हैं।
ऐसी परिस्थितियों में विभाग को पहले से तैयारी करनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति से जुड़े सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।
ऊर्जा सचिव ने रखी विभाग की उपलब्धियां
ऊर्जा सचिव और बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने बैठक में विभागीय उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और ऊर्जा मंत्री के मार्गदर्शन में विभाग लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने, उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करने और शिकायतों के समाधान को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद सेवा प्रदान करना भी है।
तकनीकी आधुनिकीकरण पर दिया जा रहा ध्यान
बैठक में यह भी बताया गया कि ऊर्जा विभाग बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर विशेष ध्यान दे रहा है।
स्मार्ट निगरानी प्रणाली, डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन शिकायत निवारण और नेटवर्क प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार और तकनीकी नुकसान में कमी आने की उम्मीद है।
बेहतर बिजली व्यवस्था से विकास को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बिजली व्यवस्था किसी भी राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक होती है। बिहार में बिजली क्षेत्र में किए जा रहे निवेश और सुधार आने वाले वर्षों में राज्य की प्रगति को नई गति दे सकते हैं।
ऊर्जा मंत्री की समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार सरकार बिजली क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास जारी हैं।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन पहलों के परिणामस्वरूप बिहार के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं को पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।


