ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं पर अब होगी ऑनलाइन नजर, सीजीआरएम पोर्टल से शिकायतों का होगा त्वरित समाधान

पटना। बिहार में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्रीकृत ग्रामीण योजना अनुश्रवण एवं क्रियाशीलता पर्यवेक्षण प्रणाली (सीजीआरएम) पोर्टल की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से विभाग की विभिन्न योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इस नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना, शिकायतों के निवारण को आसान बनाना तथा विकास कार्यों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।

ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने शुक्रवार को इस पोर्टल का उद्घाटन किया। विभागीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह पोर्टल ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे योजनाओं का लाभ सही समय पर सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बदलेगी ग्रामीण विकास की तस्वीर

सीजीआरएम पोर्टल के शुभारंभ के अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार लगातार शासन व्यवस्था को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं सीधे तौर पर गांवों में रहने वाले गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों से जुड़ी हैं। ऐसे में इन योजनाओं की निगरानी और शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

उन्होंने कहा कि अब लोगों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने या शिकायत दर्ज कराने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही प्लेटफॉर्म पर उन्हें योजनाओं से संबंधित जानकारी और शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मंत्री ने कहा कि सीजीआरएम पोर्टल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अब गांवों में रहने वाले नागरिक घर बैठे अपनी समस्याओं और शिकायतों को पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।

इससे विभागीय अधिकारियों को भी शिकायतों की निगरानी करने और उनके समाधान की स्थिति पर नजर रखने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी और लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सकेगी।

बिहार बना आवास योजना में अतिरिक्त लाभ देने वाला पहला राज्य

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में बिहार ऐसा पहला राज्य है जहां आवास योजनाओं में लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों को जमीन खरीदने में सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा वर्ष 1996 से पहले बने क्षतिग्रस्त और जर्जर मकानों के मरम्मतीकरण की व्यवस्था भी की गई है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस प्रकार राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी गरीब परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।

कई राज्यों ने अपनाया बिहार मॉडल

श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बिहार द्वारा लागू की गई कई योजनाएं अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों ने बिहार की योजनाओं और मॉडल का अध्ययन कर उन्हें अपने यहां लागू करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि राज्य की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। ग्रामीण विकास, आवास, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने बिहार को नई पहचान दिलाई है।

ग्रामीण विकास में तकनीक की बढ़ती भूमिका

मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और उनकी निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि सीजीआरएम पोर्टल के माध्यम से विभागीय योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों को समय रहते समस्याओं की जानकारी मिलेगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।

उनका कहना था कि तकनीक आधारित निगरानी से योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ेंगी।

ग्रामीण विकास को बताया राज्य की प्रगति की कुंजी

कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि बिहार की समग्र प्रगति तभी संभव है जब ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और उनकी आर्थिक तथा सामाजिक उन्नति राज्य के विकास से सीधे जुड़ी हुई है।

उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी गई। गरीबों, किसानों और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गईं।

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सीजीआरएम पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रधान सचिव ने बताई पोर्टल की विशेषताएं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि विभाग की चार प्रमुख आधारशिला योजनाएं—आवास, स्वच्छता, स्वरोजगार और ग्रामीण रोजगार—ग्रामीण विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की प्रभावी निगरानी और शिकायत निवारण के लिए एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से सीजीआरएम पोर्टल विकसित किया गया है।

पंकज कुमार ने कहा कि यह पोर्टल विभागीय योजनाओं की सतत निगरानी करेगा और नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक सुलभ मंच प्रदान करेगा।

भविष्य में एआई आधारित बनेगा पोर्टल

प्रधान सचिव ने बताया कि भविष्य में इस पोर्टल को और अधिक उन्नत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग की योजना इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली में विकसित करने की है।

एआई तकनीक के उपयोग से शिकायतों के विश्लेषण, समस्याओं की पहचान और समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार होगा।

जीविका सीईओ ने बताया पारदर्शिता का मजबूत माध्यम

जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि किसी भी योजना के सफल क्रियान्वयन में निगरानी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा तैयार किया गया यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों में सुधार आएगा।

कई योजनाओं के अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जल-जीवन-हरियाली अभियान, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, आवास योजनाओं, ग्रामीण रोजगार मिशन, जीविका तथा अन्य विभागीय योजनाओं से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने इस नई व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा कि इससे योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

ग्रामीण विकास में डिजिटल क्रांति की शुरुआत

सीजीआरएम पोर्टल का शुभारंभ बिहार के ग्रामीण विकास प्रशासन में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया गया तो यह न केवल योजनाओं की निगरानी को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण नागरिकों को प्रशासन से सीधे जोड़ने का भी काम करेगा।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा तथा बिहार के गांवों में विकास की गति और तेज होगी।

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