
कोलकाता। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर पूर्व रेलवे ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को केंद्र में रखकर व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “जलवायु परिवर्तन” रही, जिसके तहत रेलवे कर्मचारियों, यात्रियों और आम नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की गईं। भारतीय रेल की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना और मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के सिद्धांतों को व्यवहारिक जीवन में अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।
पूर्व रेलवे के चारों मंडलों, विभिन्न कारखानों, रेलवे अस्पतालों और प्रमुख रेलवे परिसरों में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण शपथ कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों का आयोजन किया गया। रेलवे अधिकारियों ने इसे केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने दिलाई पर्यावरण संरक्षण की शपथ
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के रेलवे कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में भारतीय रेल के सभी जोनल रेलवे प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारी जुड़े।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने और अपने दैनिक जीवन में ऐसे कदम उठाए जो प्रकृति के संरक्षण में योगदान दे सकें।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी नीतियों या अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। यदि लोग अपने दैनिक व्यवहार में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाते हैं तो उसका व्यापक प्रभाव पर्यावरण पर पड़ सकता है।
स्वच्छता और पर्यावरणीय उत्कृष्टता के लिए दिए गए पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने भारतीय रेल में स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले इकाइयों और विभागों को “स्वच्छता पखवाड़ा 2025 पुरस्कार” से सम्मानित किया।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों में और अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। रेलवे प्रशासन का मानना है कि सम्मान और प्रोत्साहन से कर्मचारियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और वे बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित होते हैं।
पूर्व रेलवे मुख्यालय में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
कोलकाता स्थित फेयरली प्लेस में पूर्व रेलवे मुख्यालय में भी विश्व पर्यावरण दिवस को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में सभी अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की शपथ ली। उन्होंने प्रदूषण कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ऊर्जा की बचत और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रेलवे जैसी विशाल संस्था के लिए पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि भविष्य के लिए आवश्यक निवेश भी है। रेलवे का प्रयास है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखा जाए।
चारों मंडलों में चला हरित अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूर्व रेलवे के हावड़ा, सियालदह, आसनसोल और मालदा मंडलों में भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा रेलवे के विभिन्न कारखानों और अस्पतालों में भी पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की गईं।
इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी, अधिकारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण शपथ कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल सरकारी संस्थाओं का प्रयास पर्याप्त नहीं है। इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया।
वृक्षारोपण अभियान बना प्रमुख आकर्षण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में वृक्षारोपण अभियान प्रमुख आकर्षण रहा। रेलवे परिसरों, स्टेशनों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में वृक्षारोपण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि तापमान नियंत्रण, जल संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में भी योगदान देते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने कर्मचारियों और नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।
जैव विविधता और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर
कार्यक्रमों के दौरान जैव विविधता संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ता कचरा और प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का पालन करे तो पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मिशन लाइफ के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान
विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रमों के दौरान मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment) के सिद्धांतों को विशेष रूप से प्रचारित किया गया। यह अभियान लोगों को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
अधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा की बचत, जल संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, प्लास्टिक का कम प्रयोग और वृक्षारोपण जैसे छोटे कदम भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
रेलवे कर्मचारियों को भी अपने कार्यस्थलों और घरों में पर्यावरण अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि वे समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकें।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्व रेलवे की प्रतिबद्धता
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिब राम माझि ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में कर्मचारियों और अन्य हितधारकों की व्यापक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि पूर्व रेलवे पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन लगातार ऐसी पहल कर रहा है जिससे पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा मिले और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सके। स्वच्छ ऊर्जा, हरित पहल और सतत विकास के माध्यम से रेलवे देश के पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। पूर्व रेलवे द्वारा चलाए गए इस व्यापक अभियान ने कर्मचारियों, यात्रियों और आम नागरिकों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया है।


