
पटना: बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने चार नामों पर मुहर लगाते हुए सूची जारी कर दी है। भाजपा ने इस बार भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक Pawan Singh को विधान परिषद भेजने का फैसला कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
BJP ने जारी की उम्मीदवारों की सूची
भाजपा की ओर से घोषित चार उम्मीदवारों में Pawan Singh, Sanjay Mayukh, Anil Kumar Thakur और Sheela Pandit का नाम शामिल है। पार्टी ने इस सूची में सामाजिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को भी प्राथमिकता देने का प्रयास किया है।
10 सीटों पर होना है चुनाव
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव प्रस्तावित है। इससे पहले जेडीयू ने भी अपने चार उम्मीदवारों—निशांत कुमार, डॉ. भारती मेहता, शिवरानी प्रजापति और ललन प्रसाद—के नामों की घोषणा की थी। अब भाजपा के चार उम्मीदवारों के ऐलान के बाद चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि सभी सहयोगी दल अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं, तो इस बार विधान परिषद चुनाव में मतदान की नौबत आ सकती है।
पवन सिंह की राजनीति में औपचारिक एंट्री
भोजपुरी स्टार Pawan Singh को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने पूर्वांचल और राजपूत समाज के बीच राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सहित कई चुनावी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पवन सिंह को पार्टी ने अब संगठनात्मक योगदान का राजनीतिक पुरस्कार दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता का लाभ भाजपा आगामी चुनावों में भी उठाना चाहती है।
तीसरी बार विधान परिषद जाएंगे संजय मयूख
भाजपा ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता Sanjay Mayukh पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उनका वर्तमान कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। पार्टी ने उन्हें पुनः उम्मीदवार बनाकर संगठन और विधान परिषद में उनके अनुभव को महत्व दिया है।
संजय मयूख लगातार तीसरी बार विधान परिषद पहुंचने जा रहे हैं। भाजपा में आमतौर पर दो कार्यकाल की परंपरा रही है, लेकिन मयूख को तीसरी बार मौका देकर पार्टी ने एक अलग संदेश दिया है।
सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति
भाजपा ने अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को उम्मीदवार बनाकर पिछड़ा, अति पिछड़ा और महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि अनिल कुमार ठाकुर के जरिए नाई समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि शीला पंडित के माध्यम से अति पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया है।
अब सबकी नजर NDA के बाकी सहयोगियों पर
विधान परिषद की 10 सीटों में से जेडीयू और भाजपा ने अपने-अपने चार-चार उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। ऐसे में अब निगाहें NDA के अन्य सहयोगी दलों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि Upendra Kushwaha की पार्टी और Chirag Paswan की पार्टी भी एक-एक सीट पर दावा पेश कर सकती है।
यदि सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो 18 जून को होने वाला विधान परिषद चुनाव मुकाबले वाला चुनाव बन सकता है।


