
भागलपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भागलपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। शहर के ऐतिहासिक सैनडिस कंपाउंड स्थित स्टेशन क्लब परिसर के समीप आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारियों ने पौधे लगाकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल हरियाली को बढ़ावा देना था, बल्कि लोगों को प्रकृति और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी प्रयास किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, महापौर डॉ. वसुंधरा लाल, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए आम लोगों से भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
‘एक पेड़ पुरखों के नाम’ अभियान बना आकर्षण का केंद्र
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात “एक पेड़ पुरखों के नाम” अभियान रही। इस अभियान के माध्यम से लोगों को अपने पूर्वजों की स्मृति में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशासन का मानना है कि जब कोई व्यक्ति अपने परिवार के बुजुर्गों या पूर्वजों के नाम पर पौधा लगाता है, तो उसके मन में उस पौधे के संरक्षण की भावना और अधिक मजबूत होती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावनात्मक रूप से लोगों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास भी है। जिस प्रकार परिवार की विरासत पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है, उसी प्रकार वृक्ष भी आने वाली पीढ़ियों को जीवन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने पूर्वजों की स्मृति में एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
वृक्ष केवल पौधे नहीं, जीवन का आधार
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वे केवल ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे अहम है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। वृक्ष वायु प्रदूषण को कम करने, भूजल स्तर बनाए रखने, जैव विविधता को संरक्षित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में बड़े वृक्ष बनेंगे और समाज को अनेक प्रकार से लाभ पहुंचाएंगे। इन वृक्षों की छाया में आने वाली पीढ़ियां बैठेंगी, इनके फल और हरियाली का लाभ उठाएंगी और यही पौधे हमारे पूर्वजों की स्मृतियों को भी जीवित रखने का कार्य करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की जरूरत
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं या अभियानों के भरोसे संभव नहीं है। इसके लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा भी लगाए और उसकी देखभाल सुनिश्चित करे, तो लाखों नए वृक्ष तैयार किए जा सकते हैं। इससे न केवल पर्यावरण की स्थिति बेहतर होगी, बल्कि शहरों और गांवों में हरियाली भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, जल संकट और प्रदूषण जैसी समस्याओं का एक बड़ा कारण वृक्षों की लगातार घटती संख्या है। ऐसे में वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की मांग बन चुका है।
पर्यावरण दिवस का बढ़ता महत्व
हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के प्रति जागरूक करना और प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। दुनिया भर में इस दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता रैली और जनसंवाद शामिल होते हैं।
भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण तैयार किया जा सकता है।
अधिकारियों और कर्मियों ने भी लगाया पौधा
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उपस्थित लोगों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कई बार लोग पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं कर पाते, जिसके कारण वे नष्ट हो जाते हैं। इसलिए लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित निगरानी और देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर समाज को अनेक लाभ देगा।
भागलपुर में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया। “एक पेड़ पुरखों के नाम” जैसे अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर इसे और अधिक प्रभावशाली बना दिया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में लोग वृक्षारोपण करेंगे और पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।


