
पटना: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और लाइब्रेरियनों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार जल्द ही नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू करने जा रही है, जिसके तहत करीब 5.80 लाख शिक्षाकर्मियों को स्वैच्छिक तबादले का अवसर मिलेगा। शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नई ट्रांसफर पॉलिसी को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
केवल इच्छुक शिक्षकों का होगा तबादला
शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने बताया कि नई नीति के तहत स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा। यानी केवल वही शिक्षक आवेदन करेंगे जो अपना कार्यस्थल बदलना चाहते हैं। सरकार की ओर से किसी भी शिक्षक का जबरन या अनिवार्य तबादला नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो शिक्षक वर्तमान विद्यालय में ही कार्य करना चाहते हैं, वे बिना किसी परेशानी के वहीं अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे।
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था
नई स्थानांतरण नीति में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्राथमिकता तय की गई है।
- महिला शिक्षकों को उनकी वर्तमान पंचायत के नजदीकी पंचायतों के विद्यालयों में पदस्थापन का अवसर मिलेगा।
- पुरुष शिक्षकों को अपने वर्तमान प्रखंड से सटे दूसरे प्रखंड के विद्यालयों में स्थानांतरण का विकल्प दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे शिक्षकों को घर के नजदीक कार्य करने की सुविधा मिलेगी और आवागमन संबंधी समस्याएं कम होंगी।
ऑनलाइन आवेदन से होगी पूरी प्रक्रिया
शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण नियमावली का मसौदा तैयार कर लिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विभाग एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा, जहां इच्छुक शिक्षक तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विभाग का लक्ष्य जून के अंतिम सप्ताह तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर स्थानांतरण आदेश जारी करना है।
म्यूचुअल ट्रांसफर की भी मिलेगी सुविधा
नई नीति में पहली बार पारस्परिक स्थानांतरण (Mutual Transfer) का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
यदि दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे के कार्यस्थल पर जाना चाहते हैं, तो वे संयुक्त रूप से आवेदन कर सकेंगे। इससे वर्षों से लंबित कई स्थानांतरण संबंधी समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।
11 राज्यों की नीतियों का किया गया अध्ययन
शिक्षा विभाग ने नई ट्रांसफर नीति तैयार करने से पहले देश के 11 राज्यों की स्थानांतरण व्यवस्था का अध्ययन किया। विभिन्न राज्यों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद बिहार के लिए ऐसा मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें शिक्षकों की सुविधा और विद्यालयों की शैक्षणिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाया जा सके।
रैशनलाइजेशन से होगा शिक्षकों का संतुलित वितरण
विभाग का एक प्रमुख लक्ष्य विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है।
कई स्कूलों में किसी विषय के शिक्षक अधिक हैं, जबकि दूसरे विद्यालयों में उसी विषय के शिक्षकों की कमी है। इसे दूर करने के लिए शिक्षा विभाग रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया चला रहा है, जिसके तहत शिक्षकों का संतुलित वितरण किया जाएगा।
विभाग का दावा है कि यह प्रक्रिया 10 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
BPSC से नियुक्त शिक्षक भी होंगे शामिल
नई स्थानांतरण नीति का लाभ सभी सरकारी शिक्षकों को मिलेगा। इसमें:
- बीपीएससी से नियुक्त शिक्षक
- प्रधान शिक्षक
- प्रधानाध्यापक
- लाइब्रेरियन
सभी शामिल होंगे।
विशेष बात यह है कि हाल ही में Bihar Public Service Commission के माध्यम से नियुक्त TRE-3 शिक्षकों को भी अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थापन के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा फायदा
शिक्षा विभाग का मानना है कि नई स्थानांतरण नीति से शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता का बेहतर संतुलन स्थापित होगा, जिससे राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


