मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का दायरा बढ़ा: अब 4 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले मरीजों को भी मिलेगी मदद

पटना, 4 जून 2026। बिहार सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत सहायता प्राप्त करने की आय सीमा बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब चार लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

इस फैसले से लाखों ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना करते हैं।

आय सीमा बढ़ाकर चार लाख रुपये की गई

अब तक मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ प्राप्त करने के लिए वार्षिक आय सीमा ढाई लाख रुपये निर्धारित थी। नई व्यवस्था के तहत इसे बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है।

राज्य सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई और इलाज के बढ़ते खर्च को देखते हुए आय सीमा में संशोधन आवश्यक था, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को सरकारी सहायता मिल सके।

कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से जुड़ा निर्णय सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सहायता कोष की पात्रता शर्तों में बड़ा बदलाव करते हुए आय सीमा को बढ़ाया गया है, जिससे अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।

कैंसर, हृदय रोग और किडनी मरीजों को मिलेगा लाभ

सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से उन मरीजों को फायदा होगा जो कैंसर, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता रखते हैं।

पहले आय सीमा कम होने के कारण बड़ी संख्या में निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते थे। अब वे भी सहायता के पात्र होंगे।

निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऐसे अनेक परिवार हैं जिनकी मासिक आय लगभग 30 से 33 हजार रुपये के बीच है। वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक होने के कारण वे मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की पात्रता से बाहर हो जाते थे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे परिवार भी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचेगी सहायता

सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। कई ऐसे मरीज थे जो आय सीमा में मामूली अंतर होने के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।

अब आय सीमा बढ़ने से बड़ी संख्या में परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक सहयोग मिलेगा और उन्हें महंगे उपचार के लिए कर्ज या अन्य कठिनाइयों का सामना कम करना पड़ेगा।

स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ाने का फैसला स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर आर्थिक सहारा मिलेगा।

बिहार सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब चिकित्सा खर्च लगातार बढ़ रहे हैं और गंभीर बीमारियों का इलाज आम परिवारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से राज्य के हजारों मरीजों को सीधे लाभ मिलेगा और आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित रहने की समस्या में कमी आएगी।

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