
पूर्णिया: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला पूर्णिया जिले के कृत्यानंद नगर अंचल कार्यालय से सामने आया है, जहां एक हलका कर्मचारी को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, कृत्यानंद नगर अंचल क्षेत्र की बेला रिकाबगंज पंचायत निवासी Umesh Kumar Mahto ने जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि इस काम को आगे बढ़ाने के बदले अंचल कार्यालय में तैनात हलका कर्मचारी Rupak Kumar ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
बताया जा रहा है कि बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये पर तय हुई। लेकिन आवेदक ने घूस देने के बजाय इसकी शिकायत सीधे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कर दी। शिकायत के सत्यापन के बाद पटना से आई विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
मंगलवार को जैसे ही आवेदक ने कर्मचारी को 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और अन्य कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का माहौल बन गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी Rajendra Prasad ने बताया कि शिकायतकर्ता से बार-बार रिश्वत की मांग की जा रही थी। सत्यापन के बाद जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है और उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ आम लोगों की बढ़ती जागरूकता का भी उदाहरण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


