लव प्रपोजल ठुकराने पर सरकारी कर्मचारी ने की शर्मनाक हरकत, महिला शौचालय में लगाया स्पाई कैमरा, गिरफ्तार

ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले से महिलाओं की निजता और सुरक्षा को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) कार्यालय में कार्यरत एक जूनियर क्लर्क को महिला शौचालय में गुप्त कैमरा लगाने और वहां आने वाली महिला कर्मचारियों की रिकॉर्डिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने यह कदम कथित तौर पर एक महिला सहकर्मी द्वारा उसका प्रेम प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उठाया। घटना के खुलासे के बाद प्रशासन और पुलिस दोनों ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है।

यह मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सरकारी कार्यालय जैसी संवेदनशील जगह पर महिलाओं की गोपनीयता से खिलवाड़ की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने समय तक रिकॉर्डिंग की, कितने वीडियो बनाए गए और क्या उन वीडियो को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया था।

महिला सहकर्मी से नाराजगी बनी अपराध की वजह

पुलिस जांच में जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार आरोपी की पहचान संजय अडेखा के रूप में हुई है, जो जगतसिंहपुर डीआरडीए कार्यालय में जूनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत था। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने कार्यालय में कार्यरत एक महिला सहकर्मी के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया था, लेकिन महिला ने उसके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद आरोपी मानसिक रूप से नाराज और आक्रोशित हो गया। इसी नाराजगी और बदले की भावना में उसने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे सरकारी तंत्र को शर्मसार कर दिया। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने महिला कर्मचारियों की निजता को नुकसान पहुंचाने और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने की नीयत से यह साजिश रची।

यूट्यूब से सीखी जासूसी की तकनीक

जांच के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार संजय अडेखा ने जनवरी 2026 के आसपास इंटरनेट और यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो देखकर गुप्त कैमरों और निगरानी उपकरणों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की थी।

उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक छोटा स्पाई कैमरा खरीदा और उसके इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया सीखी। इसके बाद उसने कई सप्ताह तक योजना बनाकर महिला शौचालय में कैमरा लगाने का तरीका तैयार किया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने तकनीकी जानकारी हासिल करने के बाद बड़ी सावधानी से इस पूरे कृत्य को अंजाम दिया।

मार्च से चल रही थी रिकॉर्डिंग

पुलिस जांच के अनुसार मार्च 2026 में आरोपी ने मौका देखकर कार्यालय के महिला शौचालय में स्पाई कैमरा फिट कर दिया। कैमरा इस तरह लगाया गया था कि सामान्य तौर पर किसी की नजर उस पर न पड़े।

जांच एजेंसियों का कहना है कि कैमरा लगाने के बाद आरोपी लगातार रिकॉर्डिंग देखता था। वह अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कैमरे से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखता था और वहां रिकॉर्ड होने वाले वीडियो तक पहुंच प्राप्त करता था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह गतिविधि कई सप्ताह तक चलती रही और कार्यालय की महिला कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

हर सप्ताह बदलता था कैमरे की बैटरी

पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूरी योजना को लंबे समय तक छिपाए रखने के लिए तकनीकी सावधानियां भी बरतीं। वह नियमित अंतराल पर कैमरे की बैटरी निकालकर उसे चार्ज करता था और फिर दोबारा उसी स्थान पर लगा देता था।

बताया जा रहा है कि लगभग हर सप्ताह वह कैमरे को हटाकर बैटरी चार्ज करता और फिर उसे वापस महिला शौचालय में स्थापित कर देता था। इससे कैमरा लगातार सक्रिय बना रहता था और रिकॉर्डिंग जारी रहती थी।

जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने पूरी घटना को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया, जिससे लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ।

शिकायत के बाद खुला पूरा मामला

घटना का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिला कर्मचारियों को संदिग्ध गतिविधियों का आभास हुआ। इसके बाद मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस तक पहुंची।

शिकायत मिलने के बाद तीर्थोल थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों ने सीधे आरोपी तक पहुंचने में मदद की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पर्याप्त प्रमाण मिलने के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

छापेमारी में बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान जांच टीम ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से स्पाई कैमरा, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और सीसीटीवी से संबंधित हार्ड डिस्क बरामद की गई है। इन सभी उपकरणों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

विशेषज्ञ अब इन डिवाइसों में मौजूद डेटा का विश्लेषण करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग कितने समय तक हुई और उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

प्रशासन ने तुरंत किया निलंबित

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई की। अधिकारियों ने आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार की घटना को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि विभागीय स्तर पर अलग से जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं नए राज

पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है। जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक विशेषज्ञों के पास भेजा जा रहा है।

जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो केवल आरोपी के पास थे या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं वीडियो किसी वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य डिजिटल माध्यम पर अपलोड तो नहीं किए गए।

फोरेंसिक रिपोर्ट इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है और इससे कई नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि कानूनी और नैतिक दायित्व भी है।

सरकारी दफ्तर जैसे स्थान पर इस तरह की घटना का सामने आना यह दर्शाता है कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी कितनी आवश्यक है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं जांच एजेंसियां फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने में जुटी हुई हैं। यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि महिलाओं की निजता और सम्मान से जुड़े गंभीर अपराध के रूप में भी चर्चा में है।

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