
पटना। बिहार सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे सहयोग शिविरों को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं का समाधान उनके दरवाजे तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और सहयोग शिविर उसी सोच का परिणाम हैं। उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार विकास और जनसेवा की उस परंपरा को आगे बढ़ा रही है जिसकी नींव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में रखी गई थी।
सहयोग शिविर में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विजय चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। विशेष रूप से महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, जो इस बात का संकेत है कि सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 500 महिलाओं की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ी है और लोग सीधे प्रशासन से जुड़ना चाहते हैं।
जनता तक पहुंच रही हैं सरकारी सेवाएं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहते हैं, जिससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
उन्होंने बताया कि शिविरों में आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है और जहां संभव होता है, वहीं मौके पर समाधान भी किया जाता है। इससे लोगों का समय बचता है और प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाया जाए।
नीतीश कुमार की विकास सोच को आगे बढ़ा रही सरकार
विजय चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास के उसी मॉडल पर काम कर रही है जिसे वर्षों पहले नीतीश कुमार ने स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि जनसंवाद, जनता दरबार और सेवा अधिकार जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सीधे प्रशासन से जोड़ने की पहल पहले भी की गई थी और अब उसे और अधिक प्रभावी रूप में लागू किया जा रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में लोक सेवा अधिकार कानून (RTPS) लागू किया गया था, जिसके तहत नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया। आज भी वही व्यवस्था राज्य की प्रशासनिक प्रणाली की आधारशिला बनी हुई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता पर कोई उपकार नहीं कर रही है, बल्कि नागरिकों को उनका अधिकार उपलब्ध करा रही है। सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
शिविरों में दिखी सरकारी विभागों की सक्रियता
सहयोग शिविरों की व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए विजय चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, जो लोगों की समस्याएं सुन रहे थे और आवश्यक कार्रवाई कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि महिलाएं और पुरुष व्यवस्थित तरीके से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और प्रशासन ने उनकी शिकायतों का पंजीकरण कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की। कई मामलों में लोगों की समस्याओं का निपटारा उसी दिन कर दिया गया, जिससे लोगों में संतोष देखने को मिला।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है। यदि इसी तरह हर स्तर पर काम किया जाए तो लोगों की अधिकांश समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकता है।
शिक्षा संस्थानों की जांच पर भी दिया जवाब
शिक्षा विभाग द्वारा संस्कृत और मदरसा संस्थानों की जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय चौधरी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी संस्था की जांच को गलत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसी संस्था से जानकारी मांगती है तो उसे पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जांच का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं कोई फर्जी संस्था संचालित हो रही है तो उस पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित करना चाहती है। इसलिए आवश्यक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को सामान्य प्रशासनिक कार्यवाही के रूप में देखा जाना चाहिए।
बाढ़ को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क
आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति पर भी विजय चौधरी ने सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उन्होंने बताया कि फ्लड फाइटिंग से जुड़ी सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बिहार की भौगोलिक स्थिति के कारण कई बार राज्य को बाहरी परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। यदि नेपाल में अत्यधिक वर्षा होती है तो उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। इसी प्रकार झारखंड में अधिक बारिश होने पर दक्षिण बिहार के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी संभावित परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
विपक्ष के आरोपों पर भी साधा निशाना
पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार सभी बयानों को सुनती है।
हालांकि उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कई बार विपक्ष के बयानों का वास्तविक अर्थ मीडिया अधिक अच्छी तरह समझता है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अपने काम और उपलब्धियों के आधार पर जनता के बीच जा रही है और जनता भी विकास कार्यों को देख रही है।
सहयोग शिविरों को मिल रहा सकारात्मक प्रतिसाद
विजय चौधरी ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सहयोग शिविरों को लोगों का सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं और प्रशासन उन्हें सुन भी रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह पहल और अधिक प्रभावी होगी तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार विकास, सुशासन और जनसेवा की दिशा में निरंतर काम कर रही है तथा सहयोग शिविर जैसे कार्यक्रम इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं की आसान उपलब्धता ही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।


