बिहार के 7 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, तेज हवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी; अगले 5 दिनों के लिए जारी हुई एडवाइजरी

बिहार में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश और बदलते मौसम के कारण लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली हुई है। हालांकि अब मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए नई चेतावनी जारी की है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के सात जिलों में तेज हवा, गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र के जिलों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी एक बार फिर अपना असर दिखा सकती है।

इन सात जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिले फिलहाल मौसम की दृष्टि से संवेदनशील बने हुए हैं। इन जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर बादलों की तेज आवाज, आंधी और मध्यम से भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों, किसानों और पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सीमांचल क्षेत्र में फिलहाल राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

सीमांचल के जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान नियंत्रित रहा है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राहत का यह दौर बहुत लंबे समय तक नहीं रहने वाला है। वर्तमान मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है और आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि शुरू हो सकती है।

फिलहाल सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बारिश और तेज हवाओं से सावधान रहने की जरूरत है। विशेष रूप से बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खेतों और खुले स्थानों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

मौसम विभाग के अनुसार अलर्ट वाले जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज गति से चलने वाली हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में टीन शेड, अस्थायी झोपड़ियों और खुले निर्माण कार्यों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।

बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष चेतावनी

बिहार में हर वर्ष वज्रपात की घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। इसी कारण मौसम विभाग ने इस बार भी बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक शुरू होते ही लोगों को सुरक्षित भवनों में शरण ले लेनी चाहिए। खेतों, जलाशयों, खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के आसपास रुकना खतरनाक साबित हो सकता है।

पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान मवेशियों को खुले स्थानों पर न छोड़ें। उन्हें सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर रखा जाए ताकि किसी दुर्घटना से बचा जा सके।

अगले पांच दिनों में बदल सकता है मौसम का मिजाज

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों के दौरान बिहार के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से राजधानी पटना सहित कई जिलों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

पूर्वानुमान के अनुसार 2 जून के बाद मौसम का स्वरूप बदलना शुरू हो सकता है। अगले तीन से चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

तापमान में इस वृद्धि के कारण लोगों को फिर से गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में लू जैसी परिस्थितियां भी बनने की आशंका जताई गई है।

गर्मी की वापसी के संकेत

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ रही है। इसके कारण बारिश और बादलों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा तथा सूर्य की तीखी किरणें तापमान बढ़ाने लगेंगी।

पिछले दिनों राज्य में हुई बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली थी। लेकिन अब एक बार फिर गर्मी का प्रभाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जून के पहले सप्ताह के बाद राज्य के कई हिस्सों में तापमान तेजी से ऊपर जा सकता है। इसलिए लोगों को अभी से गर्मी से बचाव की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

मौसम में बदलाव की मुख्य वजह क्या है?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में बिहार के मौसम में बदलाव के पीछे कई प्राकृतिक कारण सक्रिय रहे। इनमें चक्रवाती परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी प्रमुख रही।

इन्हीं प्रणालियों के प्रभाव से राज्य में आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बढ़ी थीं। लेकिन अब ये मौसमीय तंत्र धीरे-धीरे कमजोर हो रहे हैं।

जैसे-जैसे इनका प्रभाव कम होगा, वैसे-वैसे शुष्क और गर्म हवाओं का असर बढ़ेगा। यही कारण है कि आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती संबंधी गतिविधियों की योजना बनाएं। बारिश और तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षा नियमों का पालन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन बिहार के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। एक ओर बारिश और तेज हवा का खतरा बना रहेगा, वहीं दूसरी ओर धीरे-धीरे बढ़ती गर्मी भी लोगों की चिंता बढ़ा सकती है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही मौसम से जुड़े संभावित जोखिमों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय साबित होगी।

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