
देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम रविवार देर रात घोषित कर दिया गया। इस बार बिहार के लिए बेहद गर्व का क्षण रहा, क्योंकि गया के रहने वाले शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की द्वारा जारी परिणाम के अनुसार शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की।
शुभम की इस उपलब्धि ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों को प्रेरित किया है। कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
330 अंकों के साथ बने देश के नंबर-1 छात्र
जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणाम में शुभम कुमार ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए 330 अंक हासिल किए। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आईआईटी दिल्ली जोन से परीक्षा देने वाले शुभम ने देशभर के लाखों प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। परिणाम घोषित होने के बाद बिहार में खुशी का माहौल है और शुभम को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
दूसरे और तीसरे स्थान पर भी आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र
जेईई एडवांस्ड 2026 की कॉमन रैंक लिस्ट में दूसरा स्थान भी आईआईटी दिल्ली जोन के अभ्यर्थी कबीर छिल्लर ने प्राप्त किया। उन्होंने 329 अंक हासिल किए और बेहद मामूली अंतर से शीर्ष स्थान से चूक गए।
वहीं तीसरे स्थान पर जतिन चाहर रहे, जिन्होंने 319 अंक प्राप्त किए। इस तरह इस वर्ष परीक्षा के शीर्ष तीनों स्थानों पर आईआईटी दिल्ली जोन के विद्यार्थियों का दबदबा देखने को मिला।
आरोही देशपांडे बनीं टॉप महिला अभ्यर्थी

इस वर्ष परीक्षा में शीर्ष महिला अभ्यर्थी का गौरव भी आईआईटी दिल्ली जोन की छात्रा आरोही देशपांडे को मिला। उन्होंने 280 अंक प्राप्त किए और कॉमन रैंक लिस्ट में 77वीं रैंक हासिल की।
आरोही की सफलता ने यह साबित कर दिया कि छात्राएं भी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
लाखों छात्रों ने दी थी परीक्षा
आईआईटी रुड़की द्वारा आयोजित जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए देशभर से कुल 1,87,389 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 1,79,694 उम्मीदवारों ने 17 मई को आयोजित पेपर-1 और पेपर-2 दोनों में भाग लिया।
परीक्षा का आयोजन देश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ किया गया था। परीक्षा के बाद से ही छात्रों को परिणाम का बेसब्री से इंतजार था।
56,880 अभ्यर्थी हुए सफल
घोषित परिणाम के अनुसार इस वर्ष कुल 56,880 अभ्यर्थियों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा में सफलता हासिल की है। सफल उम्मीदवार अब देश के विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली जोसा (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
सफल अभ्यर्थियों में 10,107 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो तकनीकी शिक्षा में बढ़ती महिला भागीदारी का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बिहार के लिए गौरव का क्षण
गया के शुभम कुमार की सफलता बिहार के लिए विशेष महत्व रखती है। राज्य के कई जिलों से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में एक बिहारी छात्र का देशभर में पहला स्थान प्राप्त करना लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
शुभम की यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। समर्पण, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की जा सकती है।
अब आईआईटी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी
जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम जारी होने के बाद अब सफल उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। छात्र अपनी रैंक और पसंद के अनुसार विभिन्न आईआईटी में दाखिले के लिए आवेदन करेंगे।
देशभर के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश पाने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों के लिए यह परिणाम उनके करियर की नई शुरुआत साबित होगा। वहीं बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर इतिहास रच दिया है और पूरे राज्य का मान बढ़ाया है।


