भागलपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार हाईवा की टक्कर से फेरी करने वाले युवक की मौत, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बाईपास थाना क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से फेरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि मृतक ही पूरे परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।

मृत युवक की पहचान इशाकचक थाना क्षेत्र के बरेपुरा पूरब टोला निवासी रिज़बी पप्पू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह फेरी करने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बाईपास थाना क्षेत्र के पास तेज रफ्तार से आ रहे एक हाईवा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर लगते ही युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत घायल युवक की मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल मायागंज भेजा गया। उस समय युवक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए निजी क्लीनिक लेकर चले गए।

परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि रिज़बी पप्पू की जान बच जाएगी, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।

परिजनों ने बताया कि रिज़बी पप्पू बेहद मेहनती व्यक्ति थे और फेरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी कमाई से ही घर चलता था। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब अचानक अनिश्चितता में बदल गई है।

मृतक के रिश्तेदार मोहम्मद साहिल ने बताया कि रिज़बी पप्पू रोज मेहनत कर अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने की कोशिश करते थे। लेकिन एक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि अब परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता बच्चों की परवरिश और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की है।

स्थानीय लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया। लोगों का कहना है कि बाईपास इलाके में तेज रफ्तार भारी वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार स्थानीय लोग प्रशासन से वाहनों की गति नियंत्रित करने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय सड़क पर भीड़ अधिक रहती है, लेकिन इसके बावजूद कई वाहन चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं। इससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना वाले इलाके में स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था की जाए और भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।

हादसे के बाद मृतक के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। कई लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क हादसों में सबसे अधिक नुकसान गरीब और मेहनतकश परिवारों को उठाना पड़ता है। एक व्यक्ति की मौत से पूरा परिवार आर्थिक संकट में चला जाता है। रिज़बी पप्पू के मामले में भी यही स्थिति सामने आई है।

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि मृतक बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और सभी के साथ मिलजुलकर रहते थे। उनके निधन से इलाके में शोक का माहौल है। कई लोगों ने कहा कि उनके दो छोटे बच्चों का भविष्य अब सबसे बड़ी चिंता बन गया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के बाद हाईवा चालक मौके से फरार हो गया या वाहन जब्त हुआ है, इसको लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार के कई शहरों में तेज रफ्तार भारी वाहनों की वजह से दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सड़क किनारे रहने वाले लोगों और छोटे व्यवसाय करने वालों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सड़क निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है। स्पीड मॉनिटरिंग, ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती और जागरूकता अभियान जैसे कदम हादसों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

भागलपुर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मेहनतकश युवक की मौत ने यह दिखा दिया कि सड़क पर लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।

फिलहाल रिज़बी पप्पू के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग अब प्रशासन और समाज से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि किसी तरह उनके जीवन की गाड़ी आगे बढ़ सके।

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