भागलपुर में फॉर्टिस हॉस्पिटल ओपीडी सेंटर का शुभारंभ: अब शहर में ही मिलेगा बड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों का इलाज

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल के तहत जीसी बनर्जी रोड स्थित घंटाघर के पास प्रसिद्ध के नए ओपीडी सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस नए केंद्र के शुरू होने से अब भागलपुर और पूर्वी बिहार के लोगों को कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कोलकाता, पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उद्घाटन समारोह में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का आयोजन धार्मिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और उन्होंने इस नई स्वास्थ्य सुविधा का स्वागत किया।

कार्यक्रम में कंपनी के जीएम एवं ब्रांडिंग हेड विकेश सिन्हा, पीजीआई चंडीगढ़ से आए विशेषज्ञ डॉक्टर वैभव कजारिया, डॉक्टर संदीप प्रसाद, डॉक्टर अंकित पोद्दार, डायरेक्टर रत्नेश कुमार सिंह, सीईओ मुकेश सिंह और मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए।

उद्घाटन के अवसर पर लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इस दौरान सैकड़ों लोगों का मुफ्त हेल्थ चेकअप किया गया और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से निशुल्क परामर्श भी दिया गया। स्वास्थ्य जांच शिविर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई मरीजों ने कहा कि बड़े शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से शहर में ही परामर्श मिलने से उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस ओपीडी सेंटर का उद्देश्य भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों को आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अब मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि इस केंद्र में कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इनमें पल्मोनोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, हेमेटोलॉजी, यूरोलॉजी, रोबोटिक सर्जरी, जनरल सर्जरी और ऑब्स एंड गायनेकोलॉजी जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी।

डॉक्टरों का कहना है कि भागलपुर और पूर्वी बिहार के लोग लंबे समय से उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की कमी से जूझ रहे थे। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अक्सर कोलकाता, पटना या दिल्ली जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बड़ी समस्या होती थी। अब इस नई सुविधा के शुरू होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही उपचार से कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टरों ने खासकर हृदय रोग, किडनी की बीमारी, सांस से जुड़ी समस्याओं और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

डायरेक्टर रत्नेश कुमार सिंह ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह स्वास्थ्य केंद्र केवल व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं बल्कि सेवा भावना के साथ शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की कोशिश है कि कम खर्च में लोगों को भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जो आर्थिक कारणों से समय पर इलाज नहीं करा पाते। ऐसे में इस तरह की सुविधा का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अस्पताल में आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की मदद से मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।

सीईओ मुकेश सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलती तकनीकों को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में यहां और भी विशेषज्ञ सेवाएं शुरू करने की योजना है ताकि मरीजों को हर प्रकार का इलाज एक ही स्थान पर मिल सके।

कार्यक्रम में मौजूद मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल ने कहा कि भागलपुर जैसे बड़े शहर में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने इस पहल को शहर के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

स्थानीय लोगों ने भी इस नई सुविधा को लेकर खुशी जाहिर की। कई लोगों का कहना था कि अब उन्हें मामूली जांच या विशेषज्ञ परामर्श के लिए बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों में राहत मिलेगी।

पूर्वी बिहार के कई जिलों से लोग बेहतर इलाज के लिए भागलपुर आते हैं। ऐसे में फॉर्टिस जैसे बड़े अस्पताल समूह का ओपीडी सेंटर शुरू होना पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भागलपुर धीरे-धीरे मेडिकल हब के रूप में भी विकसित हो सकता है।

उद्घाटन समारोह के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। बताया गया कि आने वाले समय में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित ओपीडी सेवा शुरू की जाएगी।

कार्यक्रम में आए कई मरीजों ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से अब उन्हें बीमारी के इलाज में देरी नहीं होगी। पहले अपॉइंटमेंट और यात्रा में ही कई दिन लग जाते थे, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से इलाज आसान हो जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बिहार के कई हिस्सों में अब भी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं की कमी है। ऐसे में निजी अस्पताल समूहों द्वारा छोटे और मध्यम शहरों में ओपीडी सेंटर खोलना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

भागलपुर में शुरू हुआ यह नया ओपीडी सेंटर न केवल शहर बल्कि पूरे पूर्वी बिहार के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। लोगों को उम्मीद है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब उन्हें दूर-दराज के शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।

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