विश्व पर्यावरण दिवस अभियान के तहत मालदा मंडल का बड़ा जागरूकता अभियान, रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक मुक्त संदेश के साथ निकली रैली

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 अभियान के तहत मालदा रेल मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 15 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों, यात्रियों, विक्रेताओं और रेल कर्मचारियों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का काम तेज कर दिया गया है। अभियान के 11वें दिन सोमवार को कहलगांव रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण के लिए प्रेरित किया गया।

मालदा मंडल प्रशासन का कहना है कि रेलवे सिर्फ यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। इसी सोच के तहत विश्व पर्यावरण दिवस 2026 को लेकर पूरे मंडल में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाना और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि यदि समाज के हर वर्ग को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाए तो आने वाले समय में प्रदूषण की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सोमवार को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह के नेतृत्व में कहलगांव रेलवे स्टेशन पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्टेशन अधीक्षक, वाणिज्य निरीक्षक और बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व रेलवे स्काउट्स एंड गाइड्स, साहिबगंज की टीम ने नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैली के माध्यम से यात्रियों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

नुक्कड़ नाटक में प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाले नुकसान, कचरा प्रबंधन की आवश्यकता और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के महत्व को बेहद प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने यह दिखाने की कोशिश की कि एकल-उपयोग प्लास्टिक किस तरह नदियों, खेतों और जीव-जंतुओं के लिए खतरा बनता जा रहा है। कार्यक्रम देखने के लिए स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में यात्री और स्थानीय लोग जुटे।

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की। यात्रियों को समझाया गया कि यदि रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं, जैसे कपड़े या जूट के बैग का इस्तेमाल, स्टील या कांच की बोतलों का उपयोग और प्लास्टिक कचरे को सही तरीके से अलग करना, तो पर्यावरण को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि यात्रियों और आम लोगों की भी जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि स्टेशन परिसर में कचरा इधर-उधर न फेंकें और निर्धारित डस्टबिन का ही इस्तेमाल करें।

कहलगांव स्टेशन के अलावा मालदा टाउन, हंसडीहा, अभयपुर और मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाकर स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सफाई की गई। रेलवे कर्मचारियों और स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्यों ने मिलकर यात्रियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

अभियान के दौरान रेलवे स्टॉल संचालकों और खानपान विक्रेताओं को भी विशेष निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने उन्हें वर्जिन प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और उसके स्थान पर पुनर्चक्रित तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। विक्रेताओं से कहा गया कि वे यात्रियों को सामान देने के लिए प्लास्टिक बैग की जगह पेपर बैग या अन्य सुरक्षित विकल्प अपनाएं।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि एकल-उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। स्टेशन परिसर में ऐसे प्लास्टिक उत्पादों के इस्तेमाल को कम करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे का उद्देश्य सिर्फ नियम लागू करना नहीं बल्कि लोगों की सोच में बदलाव लाना है।

विश्व पर्यावरण दिवस अभियान के तहत रेलवे द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों का असर भी दिखाई देने लगा है। कई यात्रियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रेलवे की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक संस्थान जब इस तरह के अभियान चलाते हैं तो समाज में जागरूकता तेजी से बढ़ती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में प्लास्टिक प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बन चुका है। नदियों, जंगलों और शहरों में लगातार बढ़ता प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। ऐसे में रेलवे जैसे बड़े नेटवर्क द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान लाखों लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान सिर्फ विश्व पर्यावरण दिवस तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में भी मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्वच्छता, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम जारी रहेंगे। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य यात्रियों, कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के बीच पर्यावरणीय चेतना को मजबूत करना है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

मालदा मंडल की यह पहल इस बात का संकेत है कि अब सार्वजनिक संस्थान भी पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर रहे हैं। लगातार बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे के बीच इस तरह के अभियान लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास भी कर रहे हैं।

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