बिहार में चर्चित ज्वेलरी दुकान पर पुलिस की छापेमारी, चोरी का मंगलसूत्र बरामद, संचालक गिरफ्तार

बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज शहर स्थित सर्राफा बाजार में शनिवार देर शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब पिपरा थाना पुलिस ने चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए चर्चित ज्वेलरी दुकान श्री ज्वेलर्स में छापेमारी की। पुलिस ने चोरी के हीरा जड़ित मंगलसूत्र की बरामदगी के बाद दुकान संचालक सुमित स्वर्णकार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

7 लाख के मंगलसूत्र चोरी का मामला

जानकारी के अनुसार, पिपरा थाना क्षेत्र के दीनापट्टी पंचायत अंतर्गत सखुआ वार्ड-8 में करीब 7 लाख रुपये मूल्य के हीरा जड़ित मंगलसूत्र चोरी होने का मामला सामने आया था। पीड़िता शिखा कुमारी, जो गाजियाबाद जिले के मोदीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं, अपने मायके सखुआ आई हुई थीं। पीड़िता ने अपने सगे मामा पर ही मंगलसूत्र चोरी करने का आरोप लगाते हुए पिपरा थाना में आवेदन दिया। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म

Rajesh Kumar Jha ने बताया कि पुलिस ने सखुआ वार्ड-8 निवासी हीरालाल राय को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी किया गया हीरा जड़ित मंगलसूत्र उसने त्रिवेणीगंज बाजार स्थित पोस्ट ऑफिस के पास मौजूद श्री ज्वेलर्स दुकान में बेच दिया था।

पुलिस ने दुकान में की छापेमारी

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम त्रिवेणीगंज पहुंची और श्री ज्वेलर्स में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कथित तौर पर चोरी का मंगलसूत्र बरामद कर लिया गया। इसके बाद दुकान संचालक सुमित स्वर्णकार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी शहर के वार्ड-5 निवासी दिनेश स्वर्णकार का पुत्र बताया जा रहा है।

पहले भी विवादों में रहा है परिवार

स्थानीय लोगों के अनुसार, दिनेश स्वर्णकार का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। कुछ महीने पहले उन पर ज्वेलरी दुकान की आड़ में शराब के अवैध कारोबार का आरोप लगा था, जिसमें उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। शहर में चर्चा है कि पिता-पुत्र की जोड़ी कथित तौर पर चोरी के जेवरात कम कीमत पर खरीदने और बड़े पैमाने पर गिरवी रखने का कारोबार करती थी।

संपत्ति जांच की उठी मांग

मामला सामने आने के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि कथित अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

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