
बिहार के पूर्णिया जिले में एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला तीन दिनों के भीतर सुलझाकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में जहां मामला घरेलू विवाद और ससुराल पक्ष पर शक के इर्द-गिर्द घूम रहा था, वहीं वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी जांच के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि महिला की हत्या किसी पारिवारिक विवाद में नहीं, बल्कि प्रेम संबंध और पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के कारण हुई थी। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद सहाद को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला बनमनखी थाना क्षेत्र के हरिपुरमदी विकोदर टोला का है, जहां 20 मई 2026 को एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू की गई। महिला की मौत की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे।
घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया। परिवार का कहना था कि महिला को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और उसी कारण उसकी हत्या की गई। शुरुआती हालात भी ऐसे थे कि पुलिस को मामला घरेलू हिंसा या पारिवारिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हुआ। इसी आधार पर पुलिस ने महिला के ससुराल पक्ष से पूछताछ शुरू की और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया पुलिस ने जांच को केवल सामान्य पूछताछ तक सीमित नहीं रखा। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया। घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए, जिनमें मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियां और घटनास्थल के आसपास की तकनीकी जानकारी शामिल थी। पुलिस ने साइबर और सर्विलांस टीम की भी मदद ली ताकि मामले की हर परत को वैज्ञानिक तरीके से समझा जा सके।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले जिनसे मामला नई दिशा में जाने लगा। तकनीकी जांच में पता चला कि मृतका लगातार एक व्यक्ति के संपर्क में थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि महिला और मोहम्मद सहाद नामक व्यक्ति के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। पुलिस ने जब इस दिशा में जांच तेज की तो प्रेम संबंध की बात सामने आई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतका और आरोपी के बीच सिर्फ निजी संबंध ही नहीं थे, बल्कि पैसों का लेन-देन भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच आर्थिक विवाद लगातार बढ़ रहा था। इसी विवाद ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया। पुलिस को मिले डिजिटल सबूतों और बातचीत के आधार पर यह संदेह मजबूत हो गया कि घटना की रात दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी से यह पुष्टि हुई कि घटना की रात मोहम्मद सहाद महिला के घर पहुंचा था। इसके बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक गुस्से में आरोपी ने महिला के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार छापेमारी और तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए 23 मई को मोहम्मद सहाद को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन में मौजूद डेटा मामले की कई और परतें खोल सकता है।
पूर्णिया की एसपी स्वीटी शेरावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में मामला कुछ और प्रतीत हो रहा था, लेकिन वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान ने असली कहानी सामने ला दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेहद कम समय में मामले को सुलझाया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और कई अन्य पहलुओं पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से सभी एंगल से जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घटना के बाद आरोपी को किसी ने मदद पहुंचाई थी या सबूत मिटाने का प्रयास किया गया था। इसके लिए आसपास के लोगों से दोबारा पूछताछ की जा रही है और डिजिटल डेटा का भी गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी जांच कितनी अहम भूमिका निभा रही है। जहां पहले ऐसे मामलों में केवल प्रत्यक्ष गवाहों और बयान पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, साइबर डेटा और डिजिटल साक्ष्य जांच की दिशा बदलने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पूर्णिया पुलिस ने भी इसी तकनीकी अनुसंधान के आधार पर महज तीन दिनों के भीतर इस हत्या की गुत्थी सुलझा दी।
इलाके में इस घटना को लेकर अब भी चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोग महिला की मौत से स्तब्ध हैं और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नजर बनाए हुए हैं। वहीं मृतका के परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन जांच एजेंसियां अब भी मामले के हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई हैं ताकि इस हत्या से जुड़ी कोई भी कड़ी अधूरी न रह जाए।


