NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन: लातूर के अवैध कोचिंग सेंटर और हॉस्टल बंद करने का आदेश

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और मेस के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित सभी गैर-औद्योगिक गतिविधियों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया है।

MIDC इलाके में चल रहे थे कोचिंग सेंटर और हॉस्टल

जानकारी के मुताबिक, लातूर के MIDC (इंडस्ट्रियल एरिया) में लंबे समय से कई कोचिंग संस्थान, छात्रावास और मेस संचालित किए जा रहे थे। जांच एजेंसियों को शक है कि NEET पेपर लीक नेटवर्क के कुछ तार इसी इलाके से जुड़े हो सकते हैं। इसके बाद प्रशासन ने नियमों की जांच शुरू कर दी।

जिला उद्योग केंद्र की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इंडस्ट्रियल एरिया का उपयोग केवल औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, लेकिन वहां बड़े पैमाने पर शिक्षा कारोबार चलाया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है।

CBI की जांच में अब तक 11 गिरफ्तार

इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में रिटायर्ड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी और चर्चित कोचिंग संस्थान रेणुकाई करियर सेंटर के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर का नाम भी शामिल है।

बताया जा रहा है कि इस कोचिंग संस्थान की महाराष्ट्र के कई जिलों में शाखाएं हैं और यहां हजारों छात्र मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि पेपर लीक नेटवर्क और कोचिंग सिस्टम के बीच संबंध हो सकते हैं।

प्रशासन ने मांगा जवाब, बंद होंगे नियम विरुद्ध संस्थान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों ने औद्योगिक जमीन का उपयोग नियमों के खिलाफ किया है, उन्हें तुरंत बंद करना होगा। साथ ही संबंधित संचालकों से जवाब भी मांगा गया है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पहले भी शिकायत की थी कि इंडस्ट्रियल प्लॉट्स पर बड़े पैमाने पर कोचिंग कारोबार चलाया जा रहा है। अब पेपर लीक मामले के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

शिक्षा कारोबार पर संकट, छात्रों में बढ़ी चिंता

इस कार्रवाई के बाद लातूर के शिक्षा कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है। कई कोचिंग संचालकों और छोटे व्यापारियों का कहना है कि अगर बड़े पैमाने पर संस्थान बंद हुए तो हजारों छात्रों और कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

गौरतलब है कि लातूर पिछले कई वर्षों से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र यहां पढ़ाई करने आते हैं। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरे शिक्षा सिस्टम पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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