
बिहार के Siwan जिले में लंबे समय से हड़ताल और अनधिकृत अनुपस्थिति पर चल रहे 90 पंचायत सचिवों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी के आदेश पर सभी पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण पंचायत स्तर पर कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और सेवाओं का काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा था। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने, वंशावली बनाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग योजना, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना और भारत की जनगणना-2027 जैसे जरूरी कार्य बाधित हो गए थे। इससे आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासन ने बताया कि 15 मई 2026 को सभी हड़ताली पंचायत सचिवों को 18 मई तक ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके संबंधित कर्मियों ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद पंचायती राज विभाग, बिहार के निर्देश पर यह सख्त कार्रवाई की गई।
डीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिवों का लगातार अनुपस्थित रहना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन है। इसी आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत सभी 90 पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है।
प्रशासन ने निलंबन अवधि के दौरान सभी संबंधित पंचायत सचिवों का मुख्यालय भी निर्धारित कर दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार लगातार पंचायत सचिवों को काम पर वापस लौटने के लिए दबाव बना रही थी, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं और जनसेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा और आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।


