मां आनंदी फाउंडेशन के इंटर्नशिप कार्यक्रम का समापन, छात्राओं को पोषण और आत्मनिर्भरता का मिला नया संदेश

भागलपुर। भागलपुर में छात्राओं के कौशल विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। की ओर से सुंदरवती महिला महाविद्यालय की छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम के समापन समारोह में शिक्षा, समाज और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और इस पहल को उनके व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद उपयोगी बताया।

समापन समारोह स्थानीय होटल में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षाविद और संस्था से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर किया गया। समारोह के दौरान पूरे वातावरण में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।

कार्यक्रम में पीएमयू के जनसंपर्क पदाधिकारी , राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष और सहित कई शिक्षाविद और गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण और आत्मनिर्भरता की समझ भी उतनी ही जरूरी है।

इस इंटर्नशिप कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को मिलेट्स यानी मोटे अनाज के महत्व, पोषण संबंधी जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना था। संस्था की ओर से छात्राओं को बताया गया कि आज की बदलती जीवनशैली में पौष्टिक भोजन का महत्व लगातार बढ़ रहा है और मिलेट्स शरीर के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को मोटे अनाज के पोषण मूल्य, उनके स्वास्थ्य लाभ और दैनिक जीवन में उनके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि मिलेट्स केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सरकार भी मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चला रही है।

छात्राओं ने इंटर्नशिप के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें केवल नई जानकारी ही नहीं दी बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता भी बढ़ाई। कई छात्राओं ने कहा कि उन्होंने पहली बार पोषण, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को इतने व्यावहारिक तरीके से समझा।

कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें टीमवर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिला। साथ ही उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के महत्व के बारे में भी समझाया गया। छात्राओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें भविष्य के लिए मानसिक रूप से तैयार करते हैं और जीवन में नई दिशा देने का काम करते हैं।

समापन समारोह में सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान छात्राओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेज स्तर पर इस प्रकार के इंटर्नशिप और जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे छात्राएं केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि समाज, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों से भी जुड़ती हैं। यही अनुभव आगे चलकर उन्हें बेहतर नागरिक और आत्मनिर्भर महिला बनने में मदद करते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है। यदि छात्राओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

संस्था से जुड़े लोगों ने बताया कि माँ आनंदी फाउंडेशन आगे भी छात्राओं और युवाओं के लिए इसी प्रकार के प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। संस्था का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में युवाओं को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी सराहना की गई। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक और सामाजिक विषयों से भी जोड़ना जरूरी है। इसी सोच के तहत इस इंटर्नशिप कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को केवल रोजगारपरक शिक्षा ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भी जानकारी होनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था और कॉलेज परिवार के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। समापन के दौरान छात्राओं ने संस्था और कॉलेज प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस इंटर्नशिप कार्यक्रम ने उन्हें नई सोच, नई ऊर्जा और आत्मविश्वास दिया है।

भागलपुर में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया कि यदि शिक्षा को सामाजिक जागरूकता और व्यवहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए तो छात्राओं के व्यक्तित्व में व्यापक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आने वाले समय में इस तरह की पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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