नाथनगर रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: कैटरिंग स्टॉल में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

भागलपुर, 21 मई 2026। भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित एक कैटरिंग स्टॉल में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे स्टॉल को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद स्टेशन परिसर में यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्टॉल से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने जब आग की लपटें देखीं तो वहां हड़कंप मच गया। कई यात्री अपने सामान के साथ प्लेटफॉर्म से दूर हटने लगे, जबकि आसपास मौजूद लोग आग बुझाने की कोशिश में जुट गए।

कैटरिंग स्टॉल संचालक मुरारी सहनी ने बताया कि घटना बेहद अचानक हुई। उन्होंने कहा कि पहले हल्का धुआं दिखाई दिया और उसके बाद आग ने पूरे स्टॉल को घेर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। उनके अनुसार इस हादसे में करीब दो से ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

मुरारी सहनी ने बताया कि घटना के समय उनकी पत्नी भी स्टॉल पर मौजूद थीं। आग की चपेट में आने से उनके बाल झुलस गए। हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना के बाद वे काफी घबरा गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

घटना के बाद स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक उठती आग की लपटों और धुएं के कारण लोग घबरा गए थे। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने अपने बच्चों और सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की। कुछ लोगों ने रेलवे अधिकारियों और फायर स्टाफ को तत्काल सूचना दी।

इसी दौरान स्थानीय युवक अभिमन्यु यादव ने साहस का परिचय देते हुए आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिमन्यु यादव ने बिना घबराए लोगों के साथ मिलकर आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश शुरू कर दी। उनकी तत्परता के कारण आग को आसपास के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने में मदद मिली।

स्टेशन अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही रेलवे के कार्यवाहक स्टाफ धर्मेंद्र कुमार और फायर स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचे। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल शुरू किया। कुल चार फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आग प्लेटफॉर्म के अन्य हिस्सों तक भी फैल सकती थी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो सबसे बड़ी राहत की बात रही। हालांकि कैटरिंग स्टॉल में रखा खाद्य सामग्री, फर्नीचर, बिजली उपकरण और अन्य सामान पूरी तरह जल गया। आग बुझाने के बाद काफी देर तक स्टेशन परिसर में धुआं फैलता रहा।

रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन तकनीकी टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि स्टॉल में बिजली सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से किया गया था या नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी होता है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन परिसर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर नियमित सुरक्षा जांच और वायरिंग निरीक्षण होना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि स्टेशन परिसर में लगे सभी विद्युत उपकरणों और वायरिंग की दोबारा जांच कराई जाएगी। साथ ही कैटरिंग स्टॉल संचालकों को भी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घटना के बाद स्टेशन पर कुछ समय तक ट्रेनों की आवाजाही और यात्रियों की गतिविधियों पर असर पड़ा, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद संचालन फिर से सुचारु कर दिया गया। रेलवे कर्मियों ने प्लेटफॉर्म की सफाई कर आग से प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया।

भागलपुर के लोगों ने राहत की सांस ली कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

फिलहाल रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी। वहीं कैटरिंग स्टॉल संचालक अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रशासन से सहायता की उम्मीद जता रहे हैं।

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